आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
22 जनवरी 2026
मानव सेवा ही ईश्वर सेवा का सर्वोच्च स्वरूप - बिरला*
“हड्डी टूटेगी ही नहीं” मंत्री का मज़ाकिया बयान चूर-चूर
पोते ने प्रेरित किया तो,संपन्न हुआ नेत्रदान
पोते ने प्रेरित किया तो,संपन्न हुआ नेत्रदान
हाडोती समाज में शाइन
इंडिया फाउंडेशन,पिछले काफी समय से देश के अलग-अलग विश्वविद्यालय के
छात्रों को समाज सेवा में निशुल्क इंटर्नशिप कराती है । इसी इंटर्नशिप में
थोड़े समय पहले महावीर नगर तृतीय निवासी पुलकित अग्रवाल ने भी भाग लिया था,
इस दौरान उन्होंने नेत्रदान की कार्यशालाओं के आयोजन के साथ-साथ घर,
परिवार,दोस्तों और रिश्तेदारों के नेत्रदान संकल्प पत्र भी भरवाये थे।
पुलकित
वर्तमान में देहरादून के एक निजी कॉलेज में अध्ययन कर रहे हैं, दादी मां
अयोध्या देवीके निधन की सूचना जैसे ही उन्हें मिली, उन्होंने तुरंत अपने
पिता गजेंद्र और ताऊ जी नवीन अग्रवाल को दादी मां के नेत्रदान करवाने के
लिए समझाया ।
अयोध्या ने स्वयं ने अपनी इच्छा से प्रेरित होकर
नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा हुआ था,इसीलिये बेटे नवीन,गजेंद्र और बेटियों
शारदा,चंदा,हेमंत ने भी तुरंत ही नेत्रदान का निर्णय ले लिया । सभी की
सहमति से निवास स्थान पर नेत्रदान की प्रक्रिया शाइन इंडिया फाउंडेशन के
सहयोग से संपन्न हुई।
और शैतान का उन लोगों पर कुछ क़ाबू तो था नहीं मगर ये (मतलब था) कि हम उन लोगों को जो आख़ेरत का यक़ीन रखते हैं उन लोगों से अलग देख लें जो उसके बारे में शक में (पड़े) हैं और तुम्हारा परवरदिगार तो हर चीज़ का निगरा है
और शैतान का उन लोगों पर कुछ क़ाबू तो था नहीं मगर ये (मतलब था) कि हम उन
लोगों को जो आख़ेरत का यक़ीन रखते हैं उन लोगों से अलग देख लें जो उसके
बारे में शक में (पड़े) हैं और तुम्हारा परवरदिगार तो हर चीज़ का निगरा है
(21)
(ऐ रसूल इनसे) कह दो कि जिन लोगों को तुम खु़द ख़ुदा के सिवा (माबूद)
समझते हो पुकारो (तो मालूम हो जाएगा कि) वह लोग ज़र्रा बराबर न आसमानों में
कुछ इख़तेयार रखते हैं और न ज़मीन में और न उनकी उन दोनों में शिरकत है और
न उनमें से कोई खु़दा का (किसी चीज़ में) मद्दगार है (22)
जिसके लिए वह खु़द इजाज़त अता फ़रमाए उसके सिवा कोई सिफारिश उसकी बारगाह
में काम न आएगी (उसके दरबार की हैबत) यहाँ तक (है) कि जब (शिफ़ाअत का)
हुक्म होता है तो शिफ़ाअत करने वाले बेहोश हो जाते हैं फिर तब उनके दिलों
की घबराहट दूर कर दी जाती है तो पूछते हैं कि तुम्हारे परवरदिगार ने क्या
हुक्म दिया (23)
तो मुक़र्रिब फरिश्ते कहते हैं कि जो वाजिबी था (ऐ रसूल) तुम (इनसे) पूछो
तो कि भला तुमको सारे आसमान और ज़मीन से कौन रोज़ी देता है (वह क्या
कहेंगे) तुम खु़द कह दो कि खु़दा और मैं या तुम (दोनों में से एक तो) ज़रूर
राहे रास्त पर है (और दूसरा गुमराह) या वह सरीही गुमराही में पड़ा है (और
दूसरा राहे रास्त पर) (24)
(ऐ रसूल) तुम (उनसे) कह दो न हमारे गुनाहों की तुमसे पूछ गछ होगी और न तुम्हारी कारस्तानियों की हम से बाज़ पुर्स (25)
(ऐ रसूल) तुम (उनसे) कह दो कि हमारा परवरदिगार (क़यामत में) हम सबको
इकट्ठा करेगा फिर हमारे दरमियान (ठीक) फैसला कर देगा और वह तो ठीक-ठीक
फैसला करने वाला वाकि़फकार है (26)
(ऐ रसूल तुम कह दो कि जिनको तुम ने खु़दा का शरीक बनाकर) खु़दा के साथ
मिलाया है ज़रा उन्हें मुझे भी तो दिखा दो हरगिज़ (कोई शरीक नहीं) बल्कि
खु़दा ग़ालिब हिकमत वाला है (27)
(ऐ रसूल) हमने तुमको तमाम (दुनिया के) लोगों के लिए (नेकों को बेहश्त की)
खु़शखबरी देने वाला और (बन्दों को अज़ाब से) डराने वाला (पैग़म्बर) बनाकर
भेजा मगर बहुतेरे लोग (इतना भी) नहीं जानते (28)
और (उलटे) कहते हैं कि अगर तुम (अपने दावे में) सच्चे हो तो (आखि़र) ये क़यामत का वायदा कब पूरा होगा (29)
(ऐ रसूल) तुम उनसे कह दो कि तुम लोगों के वास्ते एक ख़ास दिन की मीयाद
मुक़र्रर है कि न तुम उससे एक घड़ी पीछे रह सकते हो और न आगे ही बड़ सकते
हो (30)
21 जनवरी 2026
लोकसभा चुनाव में वक़्फ़ बोर्ड कॉलोनी दादाबाड़ी क्षेत्र में ओम बिरला जी की तरफ से प्रचार करने और बूथों पर बैठ कर भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने वाले साजिद जावेद के लिए खबर के वोह 2000 रूपये के इनामी 6 साल से फरार आरोपी थे , क्या किसी के गले उतर रही है
लोकसभा अध्यक्ष कोटा सांसद आदरणीय ओम जी बिरला के वर्तमान कटटर समर्थक , नियमित रूप से केम्प कार्यालय की तरफ आने जाने वाले , कई सालों तक वक़्फ़ कमेटी कोटा के पदाधिकारी रहने वाले ,, लोकसभा चुनाव में वक़्फ़ बोर्ड कॉलोनी दादाबाड़ी क्षेत्र में ओम बिरला जी की तरफ से प्रचार करने और बूथों पर बैठ कर भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने वाले साजिद जावेद के लिए खबर के वोह 2000 रूपये के इनामी 6 साल से फरार आरोपी थे , क्या किसी के गले उतर रही है ,, जबकि कोंग्रेस से इनके भाजपा में शामिल होने, वक़्फ़ उम्मीद पोर्टल के वक़्त की विज्ञप्तियां इनके नाम के साथ सभी अखबारों में सोशल मीडिया पर प्रकाशित है, शायद हाँ, शायद ना , लेकिन एक तरफ जहाँ जोधपुर हाईकोर्ट के जज , जस्टिस फ़रज़न्द अली जोधपुर रेंज के एक मामले में , सोशल मीडिया , अख़बारों में प्रकाशित और पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के तुरंत बाद फोटो खेंच कर पुलिस द्वारा प्रचारित , प्रसारित करने पर रोक लगाते हुए आदेशित कर रहे थे के ,, तत्काल गिरफ्तार आरोपी होता है साबित अपराधी नहीं , ऐसे में उसके फोटो , वगेरा प्रचारित , प्रसारित नहीं होना चाहिए और इसके लिए उन्होंने बीकानेर पुलिस को आदेशित भी किया , सोशल मिडिया , फेसबुक वगेरा से कंटेंट हटाने के निर्देश भी दिए उसी वक़्त बढ़ी बहादुरी की इस गिरफ्तारी पर पुलिस अखबारों को बुलाती है , फोटो खिंचवाती है , खबर बताती है , इनामी अपराधी को , फरार अपराधी को पकड़ने के साहसिक क़िस्से सुनाती है , तो फिर साजिद जावेद के पुराने सी सी टी वी फुटेज जो चाहे सूरजपोल चौकी के हों , एस पी ऑफिस के हों , खुद बोरखेड़ा थाने के हों , सार्वजनिक स्थानों के हों ,, लोकसभा अध्यक्ष के केम्प कार्यालय के हों , एक बार सर्च कर ले ,, ऐसा अनोखा 6 साल से इनामी फरार आरोपी पहली बार लोगों ने देखा होगा जो सभी जगह उपस्थित रहे , जिनके खिलाफ दादाबाड़ी , जवाहर नगर पुलिस ने कोरोना संक्रमण के वक़्त ,, एकत्रित होकर मस्जिद में प्रतिबंध के बाद भी नमाज़ पढ़ने का मुक़दमा चलाया हो , उन्हें गिरफ्तार किया हो , ज़मानत पर छूटे हो और फिर उनके खिलाफ चालान पेश हुआ हो , फिर वोह मामला खत्म हुआ हो , इसके बावजूद भी यह फरार आरोपी यक़ीनन अजब मगर गज़ब है ,, ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339