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10 जनवरी 2026

कोटा व्यापार संघ , कोटा टूरिस्ट ट्रेवल मार्ट की फ़ज़ीहत के बाद आंतरिक विरोध के दौर से गुज़र रहा है ,संस्थापक स्वर्गीय बृजमोहन मालवीय जी के लगाये हुए , व्यापार महासंघ के इस पेड़ की

 

कोटा व्यापार संघ , कोटा टूरिस्ट ट्रेवल मार्ट की फ़ज़ीहत के बाद आंतरिक विरोध के दौर से गुज़र रहा है ,संस्थापक स्वर्गीय बृजमोहन मालवीय जी के लगाये हुए , व्यापार महासंघ के इस पेड़ की 170 शाखाएं पहली बार आंतरिक विद्रोह के दौर से गुज़र रही हैं, कुछ चुप हैं, कुछ लिहाज़ में हैं, कुछ हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं , सरकारी खर्च पर कोटा टूरिस्ट ट्रेवल मार्ट में कई व्यापारियों की भी उपेक्षा के आरोप लग रहे हैं, जबकि कोटा उत्तर विधायक शांति कुमार धारीवाल जिन्होंने कोटा को इस लायक बनाया के कोटा का व्यापारी , होटल व्यवसाई सीना ठोक कर कह सकें, के कोटा को पर्यटन सर्किट बनाया जाए, उनकी उपेक्षा को लेकर व्यापार महासंघ चाहे शर्मिंदा ना हो , लेकिन व्यापार महासंघ के 170 से भी ज़्यादा वोटर्स में से कई अब पच्चीस सालों से निर्विरोध के नाम पर खूंटा गाढ़ कर बैठे लोगों के खिलाफ आंतरिक लोकतंत्र नियमों के तहत चुनाव करवाने की मांग उठाने लगे हैं , , इसका विधिक रजिस्ट्रेशन करवाने की बात करने लगे हैं, कोटा व्यापार महासंघ हमेशा हर कार्यक्रम में , आवश्यक्तानुसार , राजनितिक रूप से तटस्थ भूमिका निभाता रहा है , पदाधिकारियों की निजी विचारधारा भाजपा की होने के बावजूद भी , व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों के साथ कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल जिन्हे कोटा के लिए विकास और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने वाला युग पुरुष कहा जाने लगा है , उन्होंने सुख दुःख में इन लोगों का व्यक्तिगत और व्यापारिक स्तर पर , जो भी सरकार के ज़रिये आवश्यकनुसार डिमांड रही , बिना किसी हील हुज्जत किये, कांग्रेस भाजपा के भेदभाव के दिल खोल कर मदद की है , लेकिन आज स्थिति बदल गई है, करोड़ों करोड़ सरकारी खर्च के बाद , भाजपा के लोग , कोटा के जिन विकास कार्यों को , कांग्रेस की फ़िज़ूल खर्ची बताकर उपेक्षित कर रहे थे , आज उन्हें देखने और दिखाने और विकसित करने के नाम पर सरकारी फंड के करोड़ों रूपये खर्च किये गये , सरकारी फंड से लाखों रूपये यात्रा भत्ता के नाम पर खर्च कर भाजपा नेता, कोटा के इन स्थलों को देखने यहां आकर इन्हे खूबसूरत अद्भुत बताने के भाषण देने के लिए आये, यह सब थूक के चाटने के समान है , खेर , सरकार में बैठे लोग देर आयद , दुरुस्त आयद , लेकिन कोटा को यह सब जिसने दिया , उस शख्सियत शांति कुमार धारीवाल का भाजपा में उनके निजी मित्रों तक ने उनका कोई नाम नहीं लिया और उनसे सीधे तोर पर निजी तोर पर ओब्लाइज्ड रहे आयोजकों ने भी उन्हें बुलाना तो दूर , उनका नाम कार्ड तक में भी नहीं छापा , उनके कार्यो को लेकर उनका सम्मान करना तक मुनासिब नहीं समझा, बात साफ है , सरकार ईमानदार नहीं है , व्यापारी हैं , व्यापारी तो व्यापारी ही हैं , जिसके पास देने के लिए हैं उसके ही साथ रहते हैं , लेकिन विभिन्न विचारधारा के 170 व्यापार संघ मतदाताओं के साथ यह न्याय नहीं है , इस मुद्दे पर साधारण सभा बुलाकर कई व्यापारी विरोध भी दर्ज कराने की सोच रहे हैं , जबकि इस टूरिस्ट मीट में आये संबंधित नेताओं की चमचागिरी में लगे कुछ लोग , खुद को राजस्थान सरकार में व्यापार लघु उद्योग आयोग का चेयरमेन बनाने की कोशिशों में जुटे हैं ,, तो कुछ जो होटल ,,रिसोर्ट से जुड़े हैं इस पर्यटन को बढ़ावा देने के कार्यक्रम के नाम पर खुद को राजस्थान पर्यटन विकास निगम का चेयरमेन बनाने की कोशिशों में जुटे है , कोटा के लोग हैं नियुक्त भी होना चाहियें, लेकिन दिक़्क़त यह है, के इनके इन सपनों पर पानी फेरने के लिए , कोटा के सोशल मिडिया ने जो खुलकर इनके आयोजन की फ़ज़ीहत की है , यह बताने की कोशिश की है के, यह उनके ही सगे नहीं रह सके जिन्होंने इन्हे इस मुक़ाम पर हमेशा ज़िंदाबाद रखने के लिए कांग्रेस ,भाजपा के सिद्धांतों को भी ताक में रखकर अपने ही कार्यकर्ताओं का विरोध लिया है ,, कोटा में सियासी नियुक्तियों का गणित अगर हम समझे तो सीधी सी बात है के यहां आदरणीय ओम जी बिरला की मर्ज़ी के बगैर पत्ता भी नहीं हिल सकता , तो फिर ,, नियुक्तियों में सामाजिक , संतुलन सिद्धांतों के तहत वोह जिस समाज के हैं , उसी समाज के सभी लोगों को तो बनाने की सिफारिश करेंगे नहीं , जबकि कोटा में भाजपा के जिलाध्यक्ष भी इसी समाज से है , एक अन्य जो कांग्रेस से भाजपा में शामिल होकर मुखर भूमिका में हैं ,वायदे और दोस्ती के सिद्धांत के तहत उनका भी अपना पहला हक़ है , तो अगर उन्हें बनाया तो फिर इन पदों पर इसी समाज से जुड़े लोगों का ख्वाब देखना तो अजीब सा लगता है , खेर सरकारें है, कुछ भी कर सकती हैं , किसी को भी किसी भी ओहदे पर नियुक्त कर सकती है , लेकिन मेने जब एक आर्टिकल शांति कुमार धारीवाल साहब की उपेक्षा और इस टूरिस्ट मीट के आयोजन आचरण पर लिखा था , तो मुझे एक दर्जन से भी अधिक व्यापारियों ने फोन पर शाबाशी देते हुए कहा था , के कुछ ऐसा करो के व्यापार महासंघ का लोकतंत्र बहाल हो , निर्विरोध की नौटंकी खत्म हो , मेने उन्हें यही कहा , तुम्हारा अपना संगठन है , तुम ही साधारण सभा बुलवाओ , तुम ही चुनाव की बात करो ,, यह सब तो तुम्हे ही करना होगा , व्यापार संघ के विधिक रजिस्ट्रेशन पर बात भी खुद को ही करना होगी, लेकिन वोह क्या करें , दोहरी ताक़त है व्यापारी भी हैं , पार्टी के अध्यक्ष भी हैं , पार्टी के पदाधिकारी हैं , तो सरकार के नज़दीकी भी हैं , तो फिर डरे सहमे होकर कहते हैं , खेर आप लिख अच्छा रहे हो , जगाने की कोशिश कर रहे हो , भगत सिंह हमारे घर में नहीं तो किसी और के घर में तो पैदा कभी तो होगा ही , देखते हैं एक ब्रेक के बाद , किसको क्या राजनितिक नियुक्ति का ओहदा मिलता है , और भविष्य में व्यापार महासंघ के निर्विरोध चुनाव का क्या तरीक़ा होता है , होस्टल व्यवसाइयों की समस्या उपेक्षित किये जाने से होस्टल व्यवसाय तो बगावत पर हैं, सभी जानते हैं , रामपुरा के आदरणीय स्वर्गीय ब्रिज मोहन मालवीय ने इस व्यापार संघ की नींव गेर सियासी रखी थी , लेकिन उस आत्मा के विरुद्ध यह आयोजन झकझोर रहा है, ,जबकि सवर्गीय सत्यभान जी उपाध्यक्ष रहते उनके जीवनकाल में ऐसा हरगिज़ नहीं होने देते,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा का नाम बदलने और उसकी शर्तों में किए जा रहे बदलावों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

 

कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा का नाम बदलने और उसकी शर्तों में किए जा रहे बदलावों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेसी नेताओं का आरोप है कि इससे गरीब और मजदूर वर्ग से उसकी हकदारी छीनी जा रही है और उन्हें योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। इसी के विरोध में 11 जनवरी को कांग्रेस ने केंद्र की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन और मौन उपवास करने का ऐलान किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने पर कांग्रेसियों में आक्रोश है। गुमानपुरा स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आंदोलन को लेकर पदाधिकारी ने बैठक आयोजित की।कांग्रेसियों ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर मजदूरों के अधिकार छिने जा रहे। भाजपा का मूर्ख बनाओ अभियान चल रहा है।
लोगों को रामजी के नाम पर किया जा रहा भ्रमित
शहर अध्यक्ष राखी गौतम ने बताया लोगों को रामजी के नाम पर भ्रमित किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार का कानून बनाया है। यह सिर्फ मूर्ख बनाओ अभियान चल रहा है। हमें लोगों को समझाना बताना होगा।
हमें लोगो के बीच जाकर बताना होगा कि आपके साथ 2 महीने का कुठाराघात होगा।आपके अधिकार छीन जाएंगे। पहले सरकार की 15 दिन में रोजगार उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी होती थी।
ग्रामीण क्षेत्र के लोग शहर की ओर करेंगे पलायन
नए कानून के तहत जब तक केंद्र सरकार नहीं चाहेगी तब तक कोई भी जगह काम नहीं होगा। इस कारण काम नहीं मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र के लोग शहर की ओर पलायन करेंगे। उन्हें शहर में कम पैसों में काम करने को मजबूर होना पड़ेगा।
केंद्र की नीतियों के खिलाफ कल कैथून में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मॉनिटरिंग उपवास रखेंगे। 5 फरवरी तक ब्लॉक स्तर, मंडल स्तर, वार्ड स्तर तक जाएंगे ओर लोगों को जागरूक करेंगे। मनरेगा मजदूरों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।

प्रदेश कोंग्रेस अध्यक्ष गोविंद जी डोटासरा की भाजपा शिक्षक मनमानी ट्रांसफर लिस्ट पर खरी खरी,

 

प्रदेश कोंग्रेस अध्यक्ष गोविंद जी डोटासरा की भाजपा शिक्षक मनमानी ट्रांसफर लिस्ट पर खरी खरी, बड़ी विडंबना है कि माननीय हाईकोर्ट की सख्त फटकार के बावजूद प्रदेश में शिक्षा को खुला व्यापार बनाकर राजनीतिक दुर्भावना के साथ खिलवाड़ और मज़ाक किया जा रहा है।
आज 6521 व्याख्याताओं के ट्रांसफर कर देना साबित करता है कि भाजपा सरकार और विभागीय मंत्री को न कोर्ट की परवाह है, और न ही बच्चों के भविष्य की। परीक्षा सिर पर है और शैक्षणिक सत्र के बीच में ऐसे मनमाफ़िक ट्रांसफर किए जा रहे हैं जैसे मंत्री जी के दफ्तर में भ्रष्टाचार का काउंटर खुला हो।
6521 में से 1283 व्याख्याता यानी का औसतन 20% प्रशासनिक ट्रांसफर हैं, कांग्रेस सरकार में केवल 2% था। मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में 143 व्याख्याता में से 122 यानी 85% ट्रांसफर प्रशासनिक बताकर राजनीतिक बदले और वसूली का खेल खेला गया है, जबकि कांग्रेस सरकार क्षेत्र में 1 भी ट्रांसफर प्रशासनिक नहीं हुआ था।
भाजपा सरकार में ये प्रशासनिक नहीं, सुनियोजित सत्ता का दुरुपयोग, पढ़ाई की जगह भ्रष्टाचार की कमाई और शिक्षकों की प्रताड़ना है। विभाग पूरी तरह निकम्मा और दिशाहीन है, रोज़ अदालतों में सरकार की थू-थू हो रही है, बच्चों का भविष्य कुचला जा रहा है और स्कूले खाली पड़ी हैं।
3 दिन पहले संस्कृत और माध्यमिक शिक्षा के 738 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया, सितंबर में भी राजनीति द्वेषता से 4527 शिक्षकों को इधर-उधर किया गया, जिसमें से 50% कोर्ट की शरण में हैं। प्रशासनिक के नाम पर आए दिन ट्रांसफर के आदेश निकल रहे हैं। स्कूलें जर्जर हालत में हैं, शिक्षकों के 1.5 लाख पद रिक्त पड़े हैं, बिना शिक्षकों के बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है, कई संवर्गों में DPC बकाया है, योजनाएं बंद पड़ी हैं, शिक्षक संघ सड़क उतरने की चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। स्वयं मुख्यमंत्री जी भी दु:खी हैं, लेकिन RSS के दबाव में उनके हाथ भी बंधे हैं।
इस सरकार में नीतिगत निर्णय नहीं, राजस्थान की जानबूझकर साज़िशन शिक्षा व्यवस्था को तबाह किया जा रहा है।

कोटा मंडल के इंजीनियर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान, पश्चिम मध्य रेल को दो प्रतिष्ठित शील्ड*

 

कोटा मंडल के इंजीनियर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान, पश्चिम मध्य रेल को दो प्रतिष्ठित शील्ड*
के डी अब्बासी
कोटा, 10 जनवरी।
भारतीय रेल के प्रतिष्ठित अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 के अंतर्गत पश्चिम मध्य रेलवे को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इस अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे को ओवरऑल दक्षता (पंडित गोविंद बल्लभ पंत) शील्ड तथा बिक्री प्रबंधन शील्ड से सम्मानित किया गया, वहीं कोटा मंडल में दरा सेक्शन में कार्यरत वरिष्ठ खंड अभियंता श्री पीयूष शर्मा को उनके असाधारण योगदान के लिए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान किया गया।
शुक्रवार, 09 जनवरी 2026 को इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि), नई दिल्ली में आयोजित भव्य राष्ट्रीय समारोह में अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे की महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय तथा अपर महाप्रबंधक प्रमोद कुमार खत्री भी उपस्थित रहे।
*कोटा मंडल की भूमिका रही प्रमुख*
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि यह उपलब्धि पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा पिछले एक दशक में किए गए व्यापक आधारभूत विकास कार्यों का परिणाम है, जिनमें कोटा मंडल की अग्रणी भूमिका रही है। कोटा मंडल में भारतीय रेल की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 का देश में प्रथम सफल कमीशनिंग, वंदे भारत ट्रेनों के स्पीड ट्रायल, संरक्षा से जुड़े तकनीकी नवाचार तथा अधोसंरचना विकास कार्यों ने रेलवे के प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी है।
*दरा सेक्शन में उत्कृष्ट कार्य का राष्ट्रीय सम्मान*
व्यक्तिगत श्रेणी में कोटा मंडल के दरा सेक्शन में पदस्थ वरिष्ठ खंड अभियंता श्री पीयूष शर्मा को रेल संरक्षा के क्षेत्र में उनके साहसिक, सतर्क और तकनीकी दक्षता से परिपूर्ण कार्य के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।
3 सितंबर 2025 को कँवलपुरा–दरा रेलखंड पर अत्यधिक वर्षा के दौरान समय रहते लिए गए निर्णयों से एक संभावित गंभीर रेल दुर्घटना को टालते हुए सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित की गई, जिसे भारतीय रेल द्वारा अनुकरणीय योगदान माना गया।
*कोटा मंडल के लिए गौरव का क्षण*
भारतीय रेल द्वारा प्रतिवर्ष देशभर के रेल जोनों में से चुनिंदा उत्कृष्ट कार्यों एवं कर्मचारियों को यह सम्मान प्रदान किया जाता है। वर्ष 2025 के लिए 17 रेलवे जोनों एवं उत्पादन इकाइयों में से केवल 100 रेलकर्मियों का चयन किया गया, जिसमें कोटा मंडल के इंजीनियर का चयन पूरे मंडल के लिए गर्व का विषय है।

प्रशिक्षु आर पी एस महेश ने अपनी पुलिस टीम के साथ इनामी रेपिस्ट को किया गिरफ्तार

 

प्रशिक्षु आर पी एस महेश ने अपनी पुलिस टीम के साथ इनामी रेपिस्ट को किया गिरफ्तार
के डी अब्बासी
कोटा,जनवरी। कोटा राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षु आर पी एस महेश ने अपनी टीम के साथ देवली अरब रोड बोरखेड़ा मकान नम्बर ए- 23 शुभ लाभ एंक्लेव निवासी श्री ओमेंद्र आर्य रेपिस्ट को गिरफ्तार किया है।कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने जानकारी देते बताया को एक विवाहिता ने नान्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें उसने बताया कि मेरे पति अधिकतर घर से बाहर रहते है इसलिए मे मेरे माता पिता के साथ मेरे पीहर रहती हूं। मुझे घर या बाहर का कोई भी कार्य होता है तो मेरे पति उनके दोस्त औमेन्द्र आर्य को भेज दिया करते थे। इसलिए मेरी भी औमेन्द्र आर्य से अच्छी दोस्ती और पहचान हो गई थी। 20 दिसंबर 2025 को ओमेन्द्र ने मुझे मूवी दिखाने के लिए साथ चलने को बोला करीब 9 बजे हम मोल पहुंचे 10.20 पर मूवी के लिए थियेटर के अन्दर गये और जब हम मूवी देखकर बाहर आये तो रात के करीब 1-2 बज चुके थे और मेरा फोन भी डिस्चार्ज हो गया था। जिसकी वजह से मैं अपने घर का गेट नही खुलवा सकी । ओमेन्द्र ने मुझे कहा टाईम ज्यादा हो गया आज आप बाहर होटल में रूक जाओ। सुबह जल्दी घर चले जाना फिर ओमेन्द्र ने कुन्हाडी त्रिकूटा के पास होटल में रूम लिया और वह भी उसी रूम मे रूक गया। थोडी बातचीत होने के बाद आमेन्द्र ने फिर से मुझे उसके साथ रहने और मेरे पति को छोडने की बातचती शुरू कर दी। इस बार हम दोनो के बीच बहस हो गई। मैने वहा से जाने को कहा तो ओमेन्द्र ने मुझे खींचकर पलगं पर पटक दिया और जबरदस्ती मेरे साथ शारीरिक सबंध बनाये। मुझे धमकी दी कि यह बात पति या घर पर किसी को बताई तो वह सब मे यह बात फेला देगा। कि मैं उसके साथ होटल गई थी और मेरे उसके साथ अवैध सबंध है। ओमेन्द्र ने 23 दिसंबर 2025 को भी इसी बात की धमकी देकर रात को 8 बजे करीब मुझे 120 फिट रोड के सुनसान इलाके में ले जाकर उसकी स्लेटी रंगी की गाडी मे भी मेरे साथ जबरदस्ती शारीरीक सबंध बनाये। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की विशेष टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।

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