आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
08 जनवरी 2026
कोटा ओरियंटल पावर केबल के बेरोज़गार हुए मज़दूर बुज़ुर्ग हो गए हैं , अशक्त हो गए हैं , कई तो मृत्यु के कगार पर हैं,, कुछ तो आज़ादी के भी बहुत साल पहले जन्मे लोग हैं, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष साहब के इस कोटा शहर के यह मज़दूर प्रोविडेंट फंड ई पी एफ पेंशन के अदालती आदेश के बावजूद भी , अनावश्यक अपीलों के झमेले में सिसक रहे हैं
पति की राह पर पत्नी का भी सम्पन्न हुआ नेत्रदान
पति की राह पर पत्नी का भी सम्पन्न हुआ नेत्रदान
2. शिक्षिका के नेत्रदान से आज,परिवार में तीसरा नेत्रदान संपन्न
शाइन
इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र व लायंस क्लब कोटा विनायकम् के सक्रिय
सदस्य मुकेश शर्मा ने सूचना दी की, दानमल जी का अहाता, स्टेशन रोड निवासी
राजीव राजपाल की माताजी राजरानी राजपाल (पूर्व शिक्षिका-बाल माध्यमिक
स्कूल) का आकस्मिक निधन हुआ है ।
संस्था के डॉ कुलवंत गौड़ ने
बताया कि,पूर्व में इनके पति स्व० हरवंश लाल,और देवर वेद प्रकाश राजपाल का
भी मरणोपरांत नेत्रदान परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ था । परिवार में
नेत्रदान अब परंपरा के रूप में बनता चला जा रहा है ।
राजीव दत्ता राजस्थान कुश्ती दंगल खेल के लिये मसीहा बने, राजीव दत्ता ने कुश्ती दंगल खेल प्रतियोगिता को प्रोत्साहित कर अव्वलीन किया, दंगल के खिलाड़ियों के लिये मंगल बनकर आये दत्ता को सभी दे रहे, बधाई, मुबारकबाद,
और (ऐ रसूल) जो काफिर बन बैठे तो तुम उसके कुफ्र से कुढ़ों नही उन सबको तो हमारी तरफ लौट कर आना है तो जो कुछ उन लोगों ने किया है (उसका नतीजा) हम बता देगें बेशक ख़ुदा दिलों के राज़ से (भी) खूब वाकि़फ है
और जब उनसे कहा जाता है कि जो (किताब) ख़़ुदा ने नाजि़ल की है उसकी पैरवी
करो तो (छूटते ही) कहते हैं कि नहीं हम तो उसी (तरीक़े से चलेंगे) जिस पर
हमने अपने बाप दादाओं को पाया भला अगरये शैतान उनके बाप दादाओं को जहन्नुम
के अज़ाब की तरफ बुलाता रहा हो (तो भी उन्ही की पैरवी करेंगे) (21)
और जो शख़्स ख़ुदा के आगे अपना सर (तस्लीम) ख़म करे और वह नेकोकार (भी) हो
तो बेशक उसने (ईमान की) मज़बूत रस्सी पकड़ ली और (आखि़र तो) सब कामों का
अन्जाम ख़ु़दा ही की तरफ है (22)
और (ऐ रसूल) जो काफिर बन बैठे तो तुम उसके कुफ्र से कुढ़ों नही उन सबको तो
हमारी तरफ लौट कर आना है तो जो कुछ उन लोगों ने किया है (उसका नतीजा) हम
बता देगें बेशक ख़ुदा दिलों के राज़ से (भी) खूब वाकि़फ है (23)
हम उन्हें चन्द रोज़ों तक चैन करने देगें फिर उन्हें मजबूर करके सख़्त अज़ाब की तरफ खीच लाएँगें (24)
और (ऐ रसूल) तुम अगर उनसे पूछो कि सारे आसमान और ज़मीन को किसने पैदा किया
तो ज़रुर कह देगे कि अल्लाह ने (ऐ रसूल) इस पर तुम कह दो अल्हमदोलिल्लाह
मगर उनमें से अक्सर (इतना भी) नहीं जानते हैं (25)
जो कुछ सारे आसमान और ज़मीन में है (सब) ख़़ुदा ही का है बेशक ख़ुदा तो (हर चीज़ से) बेपरवा (और बहरहाल) क़ाबिले हम्दो सना है (26)
और जितने दरख़्त ज़मीन में हैं सब के सब क़लम बन जाएँ और समन्दर उसकी
सियाही बनें और उसके (ख़त्म होने के) बाद और सात समन्दर (सियाही हो जाएँ और
ख़ुदा का इल्म और उसकी बातें लिखी जाएँ) तो भी ख़ुदा की बातें ख़त्म न
होगीं बेशक ख़ुदा सब पर ग़ालिब (और) दाना (बीना) है (27)
तुम सबका पैदा करना और फिर (मरने के बाद) जिला उठाना एक शख़्स के (पैदा
करने और जिला उठाने के) बराबर है बेशक ख़़ुदा (तुम सब की) सुनता और सब कुछ
देख रहा है (28)
क्या तूने ये भी ख़्याल न किया कि ख़ुदा ही रात को (बढ़ा के) दिन में
दाखि़ल कर देता है (तो रात बढ़ जाती है) और दिन को (बढ़ा के) रात में
दाखि़ल कर देता है (तो दिन बढ़ जाता है) उसी ने आफताब व माहताब को (गोया)
तुम्हारा ताबेए बना दिया है कि एक मुक़र्रर मीयाद तक (यूँ ही) चलता रहेगा
और (क्या तूने ये भी ख़्याल न किया कि) जो कुछ तुम करते हो ख़ुदा उससे ख़ूब
वाकिफकार है (29)
ये (सब बातें) इस सबब से हैं कि ख़ुदा ही यक़ीनी बरहक़ (माबूद) है और उस के
सिवा जिसको लोग पुकारते हैं यक़ीनी बिल्कुल बातिल और इसमें शक नहीं कि
ख़ुदा ही आलीशान और बड़ा रुतबे वाला है (30)
07 जनवरी 2026
अब दूसरों की आंखों में तारा बनेगी,कापरेन की तारा जैन
अब दूसरों की आंखों में तारा बनेगी,कापरेन की तारा जैन
2. नाम सार्थक कर गई,कापरेन की तारा जैन,21 दिन में तीसरा नेत्रदान संपन्न
प्रेस नोट कोटा,।
शाइन
इंडिया फाउंडेशन के नेत्रदान जागरुकता अभियान से प्रेरित होकर मंगलवार शाम
कापरेन जिला बूंदी के भारतीय जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय
जनप्रतिनिधि स्व० अभय कुमार पापड़ीवाल की धर्मपत्नी श्रीमती तारा जैन का
बेटे ललित के कोटा स्थित आर के पुरम निवास पर आकस्मिक निधन के उपरांत उनके
बेटे ललित,अनिल और राजेंद्र पापड़ीवाल ने अपनी माँ तारा जैन के नेत्रदान का
पुनीत कार्य संपन्न करवाया ।
बेटे ललित एवं इनके परिवारजन स्वयं
मेडिकल व्यवसाय और भारत विकास परिषद से जुड़े हुए हैं,बीते दिनों कापरेन
क्षेत्र में,हुये स्व०छोटूलाल बाथरा और स्व० रामप्यारी बाई गर्ग के
नेत्रदान की खबर को समाचार पत्रों में पढ़ा था,उन्हीं खबरों से माँ तारा भी
प्रभावित थी, धर्म,कर्म और ईश्वर में आस्था रखने वाली तारा, नेत्रदान के
प्रति प्रबल समर्थक थी ।
चिकित्सकों द्वारा तारा जैन के निधन की
पुष्टि होते ही बेटे ललित ने संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र
ललित कुमार टेलर को संपर्क कर माता जी के नेत्रदान करवाने की इच्छा बताई।
जिसके उपरांत,उनके नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया गया । ज्ञात हो
कि,21 दिन में कापरेन से यह तीसरा नेत्रदान संपन्न हुआ है।