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08 जनवरी 2026

कोटा ओरियंटल पावर केबल के बेरोज़गार हुए मज़दूर बुज़ुर्ग हो गए हैं , अशक्त हो गए हैं , कई तो मृत्यु के कगार पर हैं,, कुछ तो आज़ादी के भी बहुत साल पहले जन्मे लोग हैं, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष साहब के इस कोटा शहर के यह मज़दूर प्रोविडेंट फंड ई पी एफ पेंशन के अदालती आदेश के बावजूद भी , अनावश्यक अपीलों के झमेले में सिसक रहे हैं

 

कोटा ओरियंटल पावर केबल के बेरोज़गार हुए मज़दूर बुज़ुर्ग हो गए हैं , अशक्त हो गए हैं , कई तो मृत्यु के कगार पर हैं,, कुछ तो आज़ादी के भी बहुत साल पहले जन्मे लोग हैं, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष साहब के इस कोटा शहर के यह मज़दूर प्रोविडेंट फंड ई पी एफ पेंशन के अदालती आदेश के बावजूद भी , अनावश्यक अपीलों के झमेले में सिसक रहे हैं , हालात यह है के सवा सो से भी अधिक मज़दूरों को कोटा उपभोक्ता न्यायालय , प्रदेश उपभोक्ता फोरम तुरंत ई पी एफ विभाग को पेंशन देने के आदेश दे चुका है , लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार में केंद्र सरकार का यह ई पी एफ विभाग उम्र के आखरी पड़ाव पर, मात्र हज़ार रूपये की पेंशन की बाँट जोह रहे मज़दूरों की उम्मीदों पर इस राशि से कहीं ज़्यादा फीस वकीलों और क़ानून व्यवस्था पर खर्च कर उन्हें लटकाने में लगा है , प्रोविडेंट फंड विभाग जिला फोरम ,, स्टेट फोरम से हारने के बाद , राष्ट्रिय उपभोक्ता फोरम में अपील में गया है , जहां लगभग दो वर्षों से सिर्फ तारीख पे तारीख , तारीख पे तारीख का खेल हो रहा है , और ओरियंटल पावर केबल कोटा के डेढ़ सो के लगभग वृद्ध , अशक्त मज़दूर इस पेंशन की उम्मीद में सिसक रहे हैं , हाँ यही तस्वीर दिख रही है , केंद्र सरकार की मज़दूर विरोधी यह निति कोटा में इन मज़दूरों, इनके परिवारों में आक्रोश का कारण बना हुआ है ,,, 60 वर्ष पूर्व कोटा में रियायती दरों पर , सरकार से कई सहूलियतें लेकर , झालावाड़ रोड पर ओरियंटल पॉवर केबल फैक्ट्री खुली थी जहाँ कई मज़दूरों को नौकरी मिली थी ,, फैक्ट्री घाटे के नाम पर बंद हुई ,, सुविधाओं के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक जी गहलोत के कार्यकाल में फैक्ट्री नए मालिक ने खरीदी , मज़दूरों का हिसाब हुआ , कितनी ज़मीन थी , अब कितनी ज़मीन पर भौतिक रूप से नए मालिकों की क़ब्ज़ेदारी है , विधि नियम , उद्योग व्यवस्थाएं , संचालित आदेश वगेरा सब पत्रावली में है , वोह अलग जांच का विषय हो सकता है ,, लेकिन ओ पी सी के मज़दूरों के हिसाब के बाद , उनकी जो राशि ई पी एफ एकाउंट में जमा थी , देश के क़ानून के तहत उन्हें पारिवारिक पेंशन मिलना थी , लेकिन ओ पी सी के इन मज़दूरों को काफी प्रयास करने , कई बार प्रधानमंत्री , सांसद साहब को पत्र लिखने के बाद भी इनकी विधिक रूप से दी जाने वाली मात्र, एक हज़ार रूपये प्रति माह की पेंशन भी जो इन मज़दूरों की जमा राशि के ब्याज की हिस्सा राशि होती है , वोह भी नहीं दी गई , नतीजन , मज़दूरों ने एडवोकेट रामगोपाल चतुर्वेदी से सम्पर्क किया , जिन्होंने उक्त मज़दूरों की तरफ से पहले नोटिस दिया , फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो कोटा जिला उपभोक्ता न्यायालय में मुक़दमा पेश किया जहाँ विस्तृत सुनवाई के बाद , उपभोक्ता न्यायलय ने सो से भी अधिक मज़दूरों के पक्ष में मामला मानते हुए , उन्हें एक हज़ार रूपये प्रति माह की पेंशन देने के आदेश जारी किये , लेकिन आदरणीय नरेंद्र जी मोदी की इस केंद्र सरकार के ई पी एफ विभाग को, कोटा ओ पी सी के मज़दूरों को , उनका हक़ देना मंज़ूर नहीं था , तो उन्होंने इस मामले के खिलाफ , राजस्थान उपभोक्ता न्यायालय में अपील पेश कर दी , जहां भी विस्तृत सुनवाई के बाद , केंद्र सरकार के ई पी एफ विभाग की अपील खारिज करते हुए, मज़दूरों को उनके हक़ की पेंशन देने के आदेश यथावत रखे गए , ,मज़दूरों की तरफ से आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र जी मोदी जो पत्र लिखकर इस मांमले में , आदेशित पेशन तुरतं दिलवाने के निर्देश देने की गुहार लगाई , लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई , और इनका प्रार्थना पत्र बिना किसी कार्यवाही के रद्दी की टोकरी में गया ,, इधर केंद्र सरकार का ई पी एफ ऑफिस तो अशक्त , लाचार , वयोवृद्ध ,प्रताड़ित मज़दूरों को उनके हक़ की पेंशन नहीं देने पर अड़ा बैठा है , तो विभाग ने इस मामले में दिल्ली राष्ट्रिय उपभोक्ता फोरम के समक्ष सुप्रीम अपील दायर कर दी, जहाँ पेंशन पर स्थगन के बाद ,, कई बार बहस तो हुई , लेकिन आदेश और सुनवाई के नाम पर तारीख पे तारीख वोह भी तीन ,, ,चार , पांच,, छह छह महीने की तारीखे बिना किसी सुनवाई के हो रही हैं , जबकि उक्त राशि मज़दूरों का हक़ है , उनकी खुद की राशि में ब्याज के बदले की हिस्सा राशि क़ानून में कहा गया है , कोटा के यह मज़दूर सिसक रहे हैं , रो रहे हैं , ज़रूरतों के लिए तड़प रहे हैं , बीमार हैं , अशक्त है , वयोवृद्ध होने के बाद , कब किस मोड़ पर अंतिम सांस हो जाए, किसी को पता नहीं, लेकिन , ,देश भर में कल्याणकारी सरकार का नारा देने वाली केंद्र सरकार , देश भर की पंचायत लोकसभा अध्यक्ष के संसदीय क्षेत्र के गरीब मज़दूरों को , उनके हक़ की पेंशन को क़ानूनी दांव पेंच , अपील , ,तारीख पे तारीख के खेल में उलझाए बैठी है , यूँ भी , ,गरीब वयोवृद्ध लोग तो सरकारी योजनाओं के तहत , कल्याणकारी कार्यों के नाम पर ज़रूरी खर्च के नाम पर, इतनी सी गिनती की पेंशन हज़ार रूपये प्रतिमाह तो प्राप्त करने के अधिकारी है भी , लेकिन एक हज़ार रूपये प्रतिमाह , एक मज़दूर के हलक़ से निवाला छीनने के लिए , केंद्र सरकार के ई पी एफ़ विभाग ने कमर कस रखी है , और ,, अपील पर अपील करके अधीनस्थ न्यायालय के आदेशों को रुका हुआ फैसला बनाकर रोककर बैठे है , मज़दूरों का कहना है के , ईश्वर ,भगवान इन्हे सद्बुद्धि दे , हमारे जीवनकाल में ही हमे हमारा हक़ , हमारी पेंशन मिल जाए तो हम हमारे कुछ अधूरे , टूटे फूटे ख़्वाब है , उन्हें जितना मुमकिन हो , पूरा कर लें ,, मज़दूरों के वकील एडवोकेट रामगोपाल चतुर्वेदी भी इस सवाल पर भाव विहल हो उठते है ,वोह कहते , है के मुझे भी अफ़सोस है , के दो अदालतों से विजेता मज़दूर ,, अपील , स्थगन और तारीख , सुनवाई स्थगन के कारणों से अपना हक़ नहीं ले पा रहे हैं , जबकि एडवोकेट रामगोपाल चतुर्वेदी को तो यूँ ,भी भाजपा और खासकर नरेंद्र मोदी जी के अंधभक्तों में गिनती गिनकर कोटा के कई लोग उन्हें ब्लाइंड फेथर कहकर समझाते भी हैं , चिढ़ाते भी हैं , के देख लो तुम्हारी कल्याणकारी सरकार कोटा के , वोह भी लोकसभा अध्यक्ष के संसदीय क्षेत्र के ओ पी सी के मज़दूरों के साथ क्या सलूक कर रही है , इन जनाब को देखिए आप फूलचंद जी जन्म 1939 , आयु 86 वर्ष, , आप कंचन कंवर जन्म 1 जनवरी 1944, अभी 81 वर्ष की हैं,,लेकिन फिर भी , रामगोपाल चतुर्वेदी मुस्कुराते हैं , कहते हैं , एडवोकेसी एक तरफ , इन्साफ के लिए संघर्ष एक तरफ ,,, मोदी भक्ति एक तरफ , आएंगे तो मोदी ही ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

पति की राह पर पत्नी का भी सम्पन्न हुआ नेत्रदान

 पति की राह पर पत्नी का भी सम्पन्न हुआ नेत्रदान
2. शिक्षिका के नेत्रदान से आज,परिवार में तीसरा नेत्रदान संपन्न

शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र व लायंस क्लब कोटा विनायकम् के सक्रिय सदस्य मुकेश शर्मा ने सूचना दी की, दानमल जी का अहाता, स्टेशन रोड निवासी राजीव राजपाल की माताजी राजरानी राजपाल (पूर्व शिक्षिका-बाल माध्यमिक स्कूल) का आकस्मिक निधन हुआ है ।

संस्था के डॉ कुलवंत गौड़ ने बताया कि,पूर्व में इनके पति स्व० हरवंश लाल,और देवर वेद प्रकाश राजपाल का भी मरणोपरांत नेत्रदान परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ था । परिवार में नेत्रदान अब परंपरा के रूप में बनता चला जा रहा है ।

राजीव दत्ता राजस्थान कुश्ती दंगल खेल के लिये मसीहा बने, राजीव दत्ता ने कुश्ती दंगल खेल प्रतियोगिता को प्रोत्साहित कर अव्वलीन किया, दंगल के खिलाड़ियों के लिये मंगल बनकर आये दत्ता को सभी दे रहे, बधाई, मुबारकबाद,

 

राजीव दत्ता राजस्थान कुश्ती दंगल खेल के लिये मसीहा बने, राजीव दत्ता ने कुश्ती दंगल खेल प्रतियोगिता को प्रोत्साहित कर अव्वलीन किया, दंगल के खिलाड़ियों के लिये मंगल बनकर आये दत्ता को सभी दे रहे, बधाई, मुबारकबाद,
*एक साल में बदलाव के क्रांतिकारी दौर से गुजरी कुश्ती*
-दत्ता के नेतृत्व में पहलवानों को मिला नया संबल
राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता को पदभार ग्रहण किए सोमवार को एक वर्ष पूरा हो गया। बीते एक वर्ष में दत्ता के नेतृत्व में कुश्ती ने क्रांतिकारी बदलाव का दौर देखा। पहलवानों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करते हुए दत्ता ने उनके लिए प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के अधिक से अधिक अवसर सृजित किए। वहीं वर्तमान और पूर्व पहलवानों को आर्थिक संबल देने के लिए कई नवाचार किए गए।
बीते एक वर्ष में दत्ता ने पहलवानों, कोचेज़ और जिला कुश्ती संघ के पदाधिकारियों को यह भरोसा दिलाया कि अब सिर्फ कुश्ती को ही प्राथमिकता दी जाएगी। कुश्ती का स्तर सुधारने, यहां के पहलवानों को सबल बनाने के लिए वह सभी किया जाएगा जिसकी आज तक सिर्फ बात होती रही। उन्होंने प्रदेश में अधिक से अधिक कुश्ती-दंगल प्रतियोगिताओं के आयोजन, ‘‘हर मेला-कुश्ती खेला‘‘, राष्ट्रीय खेलों में मैडल पर नकद पुरस्कार, प्रदेश में मॉडल अखाड़ों की स्थापना, हर संभाग स्तर पर राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल प्रतियोगिताओं के आयोजन की घोषणा भी की।
एक वर्ष में एक दर्जन से अधिक कुश्ती-दंगल
इन घोषणाों को धरातल पर लाने का सिलसिला तत्काल प्रारंभ हो गया। पहलवानों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के अधिक से अधिक अवसर मिलें तथा प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी तैयारी के आकलन का मौका मिले इसके लिए 18 जनवरी 2025 कोटा के मोड़क में पहला राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल आयोजित किया गया। इसके बाद 25 फरवरी 2025 को अजमेर में फिर से राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ। कोटा में 9 से 11 अप्रेल तक राज्य स्तरीय अण्डर-20 कुश्ती प्रतियोगिता और फिर 20 से 22 अप्रेल तक राष्ट्रीय अण्डर-20 कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बारां को 19 से 21 मई 2025 तक राज्य स्तरीय अण्डर-17 कुश्ती प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला। राज्य स्तरीय अण्डर-15 कुश्ती प्रतियोगिता 10 से 12 जून 2025 तक जोधपुर में आयोजित की गई। भरतपुर ने 15 से 17 अगस्त 2025 तक राज्य स्तरीय अण्डर-23 कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसी प्रकार 21 से 23 नवम्बर 2025 तक उदयपुर में राज्य स्तरीय सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता खेली गई। अजमेर में दिसम्बर माह में एक बार फिर अजयमेरू राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ।
मेले में कुश्तियां बनी आकर्षण
भारत का पारम्परिक खेल कुश्ती, यहां के पारम्परिक मेलों के माध्यम से एक बार पुनः घर-घर तक पहुंचे इसके लिए राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता ने राजस्थान सरकार की पर्यटन मंत्री श्रीमती दीया कुमारी से राज्य स्तरीय मेलो में कुश्ती के आयोजन का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया। ‘‘हर मेला-कुश्ती खेला‘‘ के तहत अब तक मरू महोत्सव, जैसलमेर में 11 फरवरी 2025, कोटा के 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेला में 14 से 16 अक्टूबर 2025 तक चम्बल राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल तथा 4 नवम्बर 2025 को पुष्कर मेले में कुश्ती-दंगल का आयोजन हुआ।
उदयीमान खिलाड़ियों को आर्थिक संबल
राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मैडल लाने के क्षमतावान पहलवानों को संबल देने के लिए राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता ने नई पहल की। उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय पदक विजेता अश्विनी विश्नोई, कोमल वर्मा तथा सोनिया ओढ़ को या तो भामाशाहों के माध्यम से प्रायोजन राशि दिलावई अथवा राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के माध्यम से उनको आर्थिक सहायता प्रदान की। राष्ट्रीय खेलों में मैडल जीतने पर नकद पुरस्कार घोषणा के तहत झुंझुनू के छगनलाल मीणा को 51000 रूपए प्रदान किए गए।
पूर्व राजस्थान केसरी पहलवानों को पेंशन
आर्थिक रूप से कमजोर पूर्व राजस्थान केसरी पहलवानों के लिए भी राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता ने 10 हजार रूपए प्रतिमाह की पेंशन प्रदान करने की प्रशंसनीय और अनुकरणीय पहल की। उनके इस प्रयास के कारण भरतपुर के नत्थन पहलवान और रतन पहलवान तथा कोटा के मांगेलाल पहलवान को प्रतिमाह 10 हजार रूपए की पेंशन प्राप्त हो रही है।
दंगल के दौरान सुविधाओं में सुधार
राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता का मानना है कि यदि पहलवानों को सुविधा नहीं मिलेगी तो वह दंगल में अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकता। इसी सोच के साथ उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित हो रहे कुश्ती-दंगल के आयोजकों को स्पष्ठ निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहनी चाहिएं। उनके निर्देशों का परिणाम है कि पहले जहां पहलवानों को आवास और भोजन की व्यवस्था के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब स्तरीय आवासीय सुविधाएं, पौष्टिक भोजन, सम्मानजनक सुविधाएं सुनिश्चित हो रही हैं। राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता के प्रयासों से कुश्ती-दंगल में दिए जाने वाली नकद राशि अथवा पुरस्कार में भी सुधार हुआ है।
...और बढ़ने लगी मैडल्स की संख्या
राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता के नेतृत्व में पहलवानों के लिए स्वयं को तैयार करने के लिए बेहतरीन आधारभूत सुविधाएं, अधिक से अधिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वयं के आकलन के अवसर, आर्थिक संबल, प्रतियोगिता के दौरान सुविधाओं में सुधार जैसे प्रयास हुए तो परिणामों में सकारात्मक बदलाव भी नजर आने लगे। गत एक वर्ष में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर 4 मैडल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 100 से अधिक मेडल आए।
- अश्विनी विश्नोई अण्डर-17 वर्ल्ड चौम्पियनशिप में गोल्ड मैडल
- अश्विनी विश्नोई अण्डर-17 एशियन चौम्पियनशिप में गोल्ड मैडल
- अश्विनी विश्नोई अण्डर-17 एशियन यूथ गेम्स में सिल्वर मैडल
- कोमल वर्मा, अण्डर-17 वर्ल्ड चौम्पियनशिप में ब्रॉंज मैडल
हमारे लिए कुश्ती और पहलवान ही सर्वाेपरी हैं। राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान के पहलवान चमकें तथा देश और राजस्थान को गौरवान्वित करें इसके लिए हम उन्हें हर वह सुविधा उपलब्ध करवाएंगे जिनकी कि उन्हें आवश्यकता है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल में सर्वाधिक पहलवान राजस्थान से हो, इसी लक्ष्य के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। राजीव दत्ता, अध्यक्ष, राजस्थान राज्य कुश्ती संघ

और (ऐ रसूल) जो काफिर बन बैठे तो तुम उसके कुफ्र से कुढ़ों नही उन सबको तो हमारी तरफ लौट कर आना है तो जो कुछ उन लोगों ने किया है (उसका नतीजा) हम बता देगें बेशक ख़ुदा दिलों के राज़ से (भी) खूब वाकि़फ है

 और जब उनसे कहा जाता है कि जो (किताब) ख़़ुदा ने नाजि़ल की है उसकी पैरवी करो तो (छूटते ही) कहते हैं कि नहीं हम तो उसी (तरीक़े से चलेंगे) जिस पर हमने अपने बाप दादाओं को पाया भला अगरये शैतान उनके बाप दादाओं को जहन्नुम के अज़ाब की तरफ बुलाता रहा हो (तो भी उन्ही की पैरवी करेंगे) (21)
और जो शख़्स ख़ुदा के आगे अपना सर (तस्लीम) ख़म करे और वह नेकोकार (भी) हो तो बेशक उसने (ईमान की) मज़बूत रस्सी पकड़ ली और (आखि़र तो) सब कामों का अन्जाम ख़ु़दा ही की तरफ है (22)
और (ऐ रसूल) जो काफिर बन बैठे तो तुम उसके कुफ्र से कुढ़ों नही उन सबको तो हमारी तरफ लौट कर आना है तो जो कुछ उन लोगों ने किया है (उसका नतीजा) हम बता देगें बेशक ख़ुदा दिलों के राज़ से (भी) खूब वाकि़फ है (23)
हम उन्हें चन्द रोज़ों तक चैन करने देगें फिर उन्हें मजबूर करके सख़्त अज़ाब की तरफ खीच लाएँगें (24)
और (ऐ रसूल) तुम अगर उनसे पूछो कि सारे आसमान और ज़मीन को किसने पैदा किया तो ज़रुर कह देगे कि अल्लाह ने (ऐ रसूल) इस पर तुम कह दो अल्हमदोलिल्लाह मगर उनमें से अक्सर (इतना भी) नहीं जानते हैं (25)
जो कुछ सारे आसमान और ज़मीन में है (सब) ख़़ुदा ही का है बेशक ख़ुदा तो (हर चीज़ से) बेपरवा (और बहरहाल) क़ाबिले हम्दो सना है (26)
और जितने दरख़्त ज़मीन में हैं सब के सब क़लम बन जाएँ और समन्दर उसकी सियाही बनें और उसके (ख़त्म होने के) बाद और सात समन्दर (सियाही हो जाएँ और ख़ुदा का इल्म और उसकी बातें लिखी जाएँ) तो भी ख़ुदा की बातें ख़त्म न होगीं बेशक ख़ुदा सब पर ग़ालिब (और) दाना (बीना) है (27)
तुम सबका पैदा करना और फिर (मरने के बाद) जिला उठाना एक शख़्स के (पैदा करने और जिला उठाने के) बराबर है बेशक ख़़ुदा (तुम सब की) सुनता और सब कुछ देख रहा है (28)
क्या तूने ये भी ख़्याल न किया कि ख़ुदा ही रात को (बढ़ा के) दिन में दाखि़ल कर देता है (तो रात बढ़ जाती है) और दिन को (बढ़ा के) रात में दाखि़ल कर देता है (तो दिन बढ़ जाता है) उसी ने आफताब व माहताब को (गोया) तुम्हारा ताबेए बना दिया है कि एक मुक़र्रर मीयाद तक (यूँ ही) चलता रहेगा और (क्या तूने ये भी ख़्याल न किया कि) जो कुछ तुम करते हो ख़ुदा उससे ख़ूब वाकिफकार है (29)
ये (सब बातें) इस सबब से हैं कि ख़ुदा ही यक़ीनी बरहक़ (माबूद) है और उस के सिवा जिसको लोग पुकारते हैं यक़ीनी बिल्कुल बातिल और इसमें शक नहीं कि ख़ुदा ही आलीशान और बड़ा रुतबे वाला है (30)

07 जनवरी 2026

अब दूसरों की आंखों में तारा बनेगी,कापरेन की तारा जैन

 अब दूसरों की आंखों में तारा बनेगी,कापरेन की तारा जैन
2. नाम सार्थक कर गई,कापरेन की तारा जैन,21 दिन में तीसरा नेत्रदान संपन्न

प्रेस नोट कोटा,।

शाइन इंडिया फाउंडेशन के नेत्रदान जागरुकता अभियान से प्रेरित होकर मंगलवार शाम कापरेन जिला बूंदी के भारतीय जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि स्व० अभय कुमार पापड़ीवाल की  धर्मपत्नी श्रीमती तारा जैन का बेटे ललित के कोटा स्थित आर के पुरम निवास पर आकस्मिक निधन के उपरांत उनके बेटे ललित,अनिल और राजेंद्र पापड़ीवाल ने अपनी माँ तारा जैन के नेत्रदान का पुनीत कार्य संपन्न करवाया ।

बेटे ललित एवं इनके परिवारजन स्वयं मेडिकल व्यवसाय और भारत विकास परिषद से जुड़े हुए हैं,बीते दिनों कापरेन क्षेत्र में,हुये स्व०छोटूलाल बाथरा और स्व० रामप्यारी बाई गर्ग के नेत्रदान की खबर को समाचार पत्रों में पढ़ा था,उन्हीं खबरों से माँ तारा भी प्रभावित थी, धर्म,कर्म और ईश्वर में आस्था रखने वाली तारा, नेत्रदान के प्रति प्रबल समर्थक थी ।

चिकित्सकों द्वारा तारा जैन के निधन की पुष्टि होते ही बेटे ललित ने संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र ललित कुमार टेलर को संपर्क कर माता जी के नेत्रदान करवाने की इच्छा बताई। जिसके उपरांत,उनके नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया गया । ज्ञात हो कि,21 दिन में कापरेन से यह तीसरा नेत्रदान संपन्न हुआ है।

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