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21 जुलाई 2019

एक आंधी ,प्रियंका गांधी ,प्रियंका गांधी ,,

एक आंधी ,प्रियंका गांधी ,प्रियंका गांधी ,,,,,उत्तर प्रदेश लखनऊ सोनभद्र में हालात आपात काल से भी बदतर है ,वहां बोलने ,लिखने ,,दस आदिवासी लोगो के सामूहिक नरसंहार के प्रताड़ित परिवारों ,गवाहों से भी मिलने पर पाबंदी ,है ,,योगी जी मोदी जी ,अमित शाह जी ,,यह किसी आज़ादी है ,जहाँ एक प्रताड़ित सामूहिक हत्याकांड के दर्द से जूझ रहे परिवारों को ,गवाहों को आम लोगों से सच उगलने से रोकने के लिए उनसे मिलने पर पाबंदी है ,,सोनभद्र ,,सोनभद्र नहीं विदेश हो गया ,जहाँ जाने के पहले ही किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करना ,,डिटेन करना उत्तर प्रदेश सरकार केंद सरकार का शोक बन गया है ,,मुबारक हो प्रियंका गाँधी साहिबा ,,मुबारक हो ,,मिडिया चुप ,सरकार चुप ,,समाजसेवी चुप ,देश का सबसे बढ़ा समाज सेवा का दावा करने वाला सुविधाभोगी संगठन उसके पदाधिकार चुप ,आदिवासियों के संरक्षक चुप ,,और प्रियंका जी आप वीरांगना बनकर इन पीड़ित ,उत्पीड़ित आदिवासियों का इंसाफ दिलाने ,इनके दिलों का हाल जानने ,इनके दुःख दर्द बांटने ,अपनी सुरक्षा व्यवस्था ,अपने खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही सरकार की दमनकारी नीतियों की परवाह किये बगैर कांग्रेस ,ज़िंदाबाद ,आदिवासी संरक्षण ज़िन्दाबाद ,,दलित ज़िंदाबाद के नारे के साथ इनकी मसीहा बनकर निकल पढ़ी ,उत्तर प्रदेश सरकार ने ,केंद्र सरकार ने ,क़ानून क़ायदे ,देश की संवैधानिक आज़ादी की परवाह किये बगैर सभी क़ायदे क़ानून तोड़ दिए ,,सरकार एक उत्पीड़ित लोगों की मसीहा महिला प्रियंका गाँधी से डर गयी ,सोनभद्र में प्रवेश पर प्रियंका गाँधी के जाने पर पाबंदी ,,प्रताड़ित ,लोगों गवाहों से सच जानने पर पाबंदी ,वहां नरेंद्र मोदी साहब ,,वाह अमीत शाह साहब ,,वाह योगी आदित्यनाथ साहब ,,बहुत खूब एक निहत्थी ,वीरनागना को पुलिस सुरक्षा बलों के ज़रिये सच तलाशने से रोककर तुमने बढ़ी बहादुरी का काम किया है ,,,तुमने तृणमूल के सांसदों को रोक कर भी बढ़ी बहादुरी दिखाई है ,,अरे आपातकाल के कथित पेंशन भोगी सेनानियों ,ज़रा तो देश के संविधान ,देश के खिलाफ हो रहे ज़ुल्म ज़्यादती के शिकार लोगों के पक्ष में बोलो ,,अरे देश के सबसे बढे ,देश के ही नहीं विश्व के सबसे बढे समाज सेवी संघटन कहने वाले ठेकेदारों ज़रा सुख सुविधाओं से बाहर आओ ,उत्तरप्रदेश में घटनाओं को ,छुपाने सच का गला घोंटने के खिलाफ खुलकर नहीं तो प्रतीकात्मक आवाज़ तो उठाओ ,,दलितों की मसीहा ,आदिवासियों की संरक्षक ,,पीड़ितों की हिमायती एक मात्र प्रियंका गांधी विकट परिस्थितयों के बावजूद भी ,बदले की भावना से कार्य कर रही सरकार उनके नुमाइंदों के खिलाफ उठी है ,खडी हुई है ,आदिवासियों की सामूहिक हत्या के खिलाफ सच तलाशना चाहती है ,प्रताड़ितों को इन्साफ दिलाना चाहती है ,मीडिया चुप है तो क्या ,,यह वीरांगना ,जिसके खून में शहादत है ,जिसके खून में नफरत के खिलाफ जंग का जज़्बा है ,एक कुशल नेतृत्व है ,वोह प्रियंका गांधी अपनी सुरक्षा व्यवस्था जिसके ज़रिये सरकार प्रियंका की सुरक्षा कम उनकी जासूसी ज़्यादा कर रही है ,,सब कुछ छोड़कर आदिवासी पीड़ितों के पास सोनभद्र जाना चाहती थी ,उन्हें रोक दिया ,गैर क़ानूनी हिरासत में लिया ,,सच को दबाने का इस देश में इससे बढ़ा अपराध किया ,,होगा ,,देश का कांग्रेस कार्यकर्ता ,,देश का दलित ,देश की महिलाये ,देश का युवा ,देश का आदिवासी ,देश का अल्पसंख्यक ,उत्पीड़ित समाज केंद्र और उत्तरप्रदेश सरकार की गैर संवेधानिक हरकत के खिलाफ आज प्रियंका गांधी के साथ खड़ा है ,,शुक्र है ,उत्तरप्रदेश सरकार को सदबुद्धी आयी ,प्रियंका को मिले देश में ही नहीं विश्व स्तर पर मिले अपार जनसमर्थन से घबराकर सरकार झुकी ,,मौके पर तो नहीं जाने दिया ,लेकिन चुनिंदा लोगों को प्रतीकात्मक तरीके से प्रियंका गांधी से मिलवाया प्रियंका ने पीड़ितों का दर्द सुना ,उनके आंसू पोंछे ,लकिन अफ़सोस यह उत्पीड़ित लोग आंसू बहाने सहमे सहमे से ,डरे डरे से ख़ौफ़ज़दा रहने के अलावा कुछ नहीं कह सके ,ऐसा वातावरण ,ऐसा जंगलराज ,कभी आपातकाल में भी नहीं किया गया था ,,,,खेर प्रियंका गांधी एक आंधी है ,इसे नरेंद्र मोदी साहिब ,,अमित शाह साहिब ,आदरणीय योगी आदित्यनाथ साहिब तो क्या देश की कोई भी दमनकारी ताक़त ,लोकतंत्र की हत्या करने में जुटे लोग इस आंधी को हरगिज़ हरगिज़ नहीं रोक ,सकते प्रियंका जी हमे आपके ,, आपके नेतृत्व पर गर्व है ,आप संघर्ष करो ,हम ,हमारा देश ,देश का स्वाभिमानी नागरिक आपके साथ है ,आपके संघर्ष के साथ है ,,,,,आपकी जिन्दाबादी के साथ है ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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