हमें चाहने वाले मित्र

20 अप्रैल 2017

कोटा की सर ज़मीन पर ,,चंद उत्पातियों द्वारा ,,उत्पाती कार्यवाही के बाद

कोटा की सर ज़मीन पर ,,चंद उत्पातियों द्वारा ,,उत्पाती कार्यवाही के बाद ,,अट्ठाइस साल पहले ,,,घंटाघर ,,बजाज खाना ,,टिप्टा ,,पाटनपोल मक़बरा क्षेत्र में जो सियासी ,,धार्मिक या किसी भी तरह के जुलुस की जो पाबंदी लगाई थी ,,वोह पाबंदी आज भी बरक़रार है ,,भारत का एक हिस्सा जो भारत के राजस्थान राज्य के कोटा ज़िले के ,,सघन बस्ती के इलाक़े में है ,यह क्षेत्र इस व्यवस्था के तहत सबसे अलग थलग हो गया है ,,जबकि इस मामले में प्रतिपक्ष में रह्ते ,,भाजपा के योद्धा जो सरकार में मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर है ,,रह चुके है ,,सांसद ,,विधायक बन गए है ,,उन्होंने कांग्रेस शासन में दोहरा किरदार निभा कर इस रास्ते को धरने जुलुस के लिए खोलने को लेकर कई प्रदर्शन भी किये थे ,,लेकिन अब सरकार इनकी कई सालों से बार बार आने के बाद ,,यही लोग दोहरा किरदार निभाकर इस मुद्दे पर चुप हो गए है ,,मिडिया इस मामले में चुप है ,,कोटा की एक अदालत में आम लोगो का नागरिक अधिकार बताकर इस रास्ते को प्रतिबंधित करने के खिलाफ एक याचिका भी विचाराधीन है ,,,18 सितम्बर 1989 को चार दिन पहले कोटा में हुई आकस्मिक दुखांतिका के बाद ,कोटा में कर्फ्यू था तब ,,,कोटा में तात्कालिक जिला कलेक्टर रामलुभाया ने इस क्षेत्र के तीन थानों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ,,144 के विशिष्ठ प्रावधान के तहत ,,रामपुरा कोतवाली ,,कैथूनीपोल ,,मक़बरा थाना क्षेत्र में कर्फ्यू की ढील देते हुए ,,,उक्त क्षेत्र में सियासी ,,धार्मिक ,,या किसी भी तरह के जुलुस प्रदर्शन पर ,,रोक लगाई गयी थी ,,इस आदेश को वापिस नहीं लिया गया है ,,जबकि एक विस्तृत रिपोर्ट के बाद ,,गोपनीय रिपोर्टों के अवलोकन का हवाला देते हुए बाइस सितम्बर उन्नीस सो नब्बे को ,,तात्कालिक जिला कलेक्टर स्वर्गीय एस ऍन थानवी ने ,,एक नया विस्तृत आदेश जारी कर ,यह पाबंदी लगाई थी ,,जो आज भी अट्ठाइस साल गुज़रने के बाद बरक़रार है ,,जबकि प्रशासन ने जुलूसों की इजाज़त लेकर भी इस क्षेत्र से जुलुस नहीं निकालने का भी हवाला भी दिया है ,,,अजीब बात है न ,,,कोटा का यह इलाक़ा ,,राजनितिक जुलुस ,,धार्मिक जुलुस ,,वगेरा को लेकर ,,अछूत जैसा बना हुआ है ,,पुरे अट्ठाइस साल गुज़र गए ,,भाजपा के कई दिलेर ,,जिनमे पूर्व मंत्री मदन दिलावर ,,,सहित ,,बढे बढे दिग्गज ,,अनन्तचतुर्दर्शी के जुलुस निकालने वाले महारथी ,,पूर्व मंत्री ,,वर्तमान विधायक ,,सांसद सहित महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग ,,,कांग्रेस के हर शासन में इस क्षेत्र से जुलुस निकालने को लेकर सरकार और प्रशासन के लिए आक्रामक रुख अपनाकर ,,सर दर्द पैदा करते थे ,,लेकिन अफ़सोस यही लोग अब सत्ता में है ,,हर ताले की चाबी इन लोगो के पास है ,,लेकिन किसी ने भी इस क्षेत्र में स्थिति सामान्य कर ,अठ्ठाइस साल पुराना ,,यह आदेश वापस लेने या संशोधित करवाने का कोई प्रयास नहीं किया है ,,कोटा शहर का पहरेदार कहे जाने वाला ,,मिडिया भी इस मामले में अब तक चुप है ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...