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17 अप्रैल 2017

अजीब है मेरा देश ,,अजीब है मेरे देश के मुख्यमंत्री ,,प्रधानमंत्री ,अख़बार नवीस के नाम पर दलाली करने वाले लोग ,

अजीब है मेरा देश ,,अजीब है मेरे देश के मुख्यमंत्री ,,प्रधानमंत्री ,अख़बार नवीस के नाम पर दलाली करने वाले लोग ,,काश यह सब बुद्धिजीवी होते ,,पढ़े लिखे होते ,,,पढ़े लिखे है तो देश के प्रति वफादार होते ,,,देश के प्रति जवाबदार होते ,,,,इनके पास विधि विशेष्ज्ञ है ,,नौकर चाकर है लेकिन इन्हे इतना भी पता नहीं ,,ट्रिपल तलाक़ का मसला ,,पहले ही शाहबानो मामले में रिजेक्ट किया गया है ,,भारत के सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने ,,शमीम आरा वाले मामले में वर्ष 2002 में क़ुरआन शरीफ की आयत ,,सुर ऐ आन्निसा ,,में दिए गए निर्देशों के विपरीत किसी भी प्रकार के तलाक़ ,,यानि एक साथ तीन तलाक़ को अवैध घोषित किया है ,हिंदुस्तान के सभी वकील ,,क़ानून के ज्ञाता जानते है ,,तब से ट्रिपल तलाक़ को ,,देश की किसी भी क़ानूनी अदालत में मान्यता नही है , वही दहेज़ प्रताड़ना का मामला चलता है ,,वही खर्चा बंधता है ,,तलाक़ को अदालत अवैध मानकर पति पत्नी मानकर गुज़ाराखर्च दिलवाती है ,,एक मामले में भी वर्ष 2002 से ट्रिपल तलाक़ को मान्यता नहीं है ,हां क़ुरआन शरीफ की आयत सुर ऐ आन्निसा ,में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुरूप ,,सुप्रीम कोर्ट ने शमीम आरा वाले मामले में जो मार्गदर्शन दिए है उस पर ही कार्यवाही खुद केंद्र सरकार ने नहीं की है ,लो के पाठ्यक्रम से ,,आनंद नारायण मुल्ला द्वारा लिखा गया ,,ट्रिपल तलाक़ के चेप्टर को अभी तक ,,सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नहीं बदला गया है ,,मिडिया बेचारा ,,भांड बना है ,,ऐसी कोई भी ट्रिपल तलाक़ की पीड़ित महिला ,,अदालत में जायेगी उसे तुरंत खर्चा वगेरा सब मिलेगा ,,घरेलु हिंसा में पुरे अधिकार जो एक हिन्दू स्त्री,को ,छोड़ने के बाद मिलते है ,,वैसे ही अधिकार बराबर से मिलेंगे ,,हाँ देश में नाता प्रथा के नाम पर औरतों को बेचने खरीदने का चलन ,,देवदासियो का चलन ,,हमारे इस भांड मिडिया को नज़र नहीं आता है ,,मिडिया को यह भी पता नहीं ,,श्यूडल जातियों को ,,हिन्दू कोड में ,,हिन्दू नहीं मानकर ,,हिन्दू क़ानून से अलग किया गया है ,,इनके मामले पारिवारिक न्यायालय में सुनने से इंकार करते है ,,मजबूरी में इनके पारिवारिक ,,पति पत्नी सहित दूसरे विवादों का निस्तारण ,,सिविल मामलों की तरह करवाने के लिए ,,मुक़दमे पेश कर ,उन्हें इंसाफ दिलाया जाता है ,,मीडिया को तो ,,रुपया मिला है ,,बिना मुद्दे को मुद्दा बनाकर उछालने और ,,और जो मुख्य मुद्दे है उन्हें दबा कर ,फेरबदल कर लोगो तक पहुंचाने के मामले में ,,जी टी रोड की व्यापारी महिलाये भी इससे बेहतर होती ,है ,मुझे पदम् विभूषण दे दो ,,मुझे सांसद बना दो ,,मेरे रिश्तेदार को फलां जगह कुछ भी बना दो ,,ऐसी सौदेबाज़ी ,,देश देख रहा है ,,जान रहा है ,,लेकिन देश को बर्बाद करने वाले ऐसे नफरत भड़काने वाले मिडिया कर्मी के बीच में कुछ ,,राष्ट्रभक्त मिडिया कर्मी भी है ,,जो सच्चाई पर अड़े है ,,वोह परेशांन है ,,उन्हें नफरत के सौदागर गालियां ,,बक सकते है ,,लेकिन देश के ,,देश के सभी समाजो के रक्षक ,,सच्चे देश भक्त यही कुछ सच बताने वाले पत्रकार है जैसे की ,,रवीश कुमार ,,,सुमीत अवस्थी ,,वगेरा ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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