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17 मार्च 2017

,,मुस्लिम समाज अब किसी भी ,,,सियासी पार्टी का गुलाम नहीं है ,,वोह आज़ाद है ,

दोस्तों इन दिनों ,,सो कोल्ड ,,मुद्दे खड़े कर ,,टका बनाने वाला मिडिया जो ,,इन दिनों सिर्फ और सिर्फ,,,, एक मात्र ,,,देश चलाने वाले रिमोट कंट्रोलर उद्योगपति के हाथ में है ,,वोह मुस्लिम समाज के वोट,,, रणनीति को लेकर,, मनमानी अफवाहे फैला रहा है ,,प्रिंट मिडिया ,, इलेक्ट्रॉनिक मिडिया के अलावा ,,सोशल मिडिया पर भी,, योजनाबद्ध तरीके से,, इस मुद्दे को हव्वा बना दिया गया है ,,,,दोस्तों आप खुद इन्साफ करे ,,गुर्जर समाज ,,एक जुट हो ,,बेरवा समाज एक जुट हो ,,माली समाज एक जुट हो ,,ब्राह्मण समाज एक जुट हो ,,मीणा समाज एक जुट हो ,,यादव ,,,जाटव ,,,जाट ,,राजपूत ,कोई भी समाज एक जुट हों ,,उस समाज की सियासी एक जुट गतिविधि कुछ भी हो ,,किसी को ऐतराज़ नहीं है ,,मिडिया इस मामले में ,,कोई खबर नहीं बनाता है ,,सिर्फ और सिर्फ,,, मुस्लिम समाज के वोट रुहजांन ,,उनकी एक जुटता ,,उनके बिखराव पर ही ,,,मिडिया और सियासी लोगो की नज़र होती है ,,लेकिन एक बात में साफ़ कर दूँ ,,मुस्लिम समाज अब किसी भी ,,,सियासी पार्टी का गुलाम नहीं है ,,वोह आज़ाद है ,,हाँ कुछ ,,भाजपा और कोंग्रेस सहित सपा ,,बसपा के ज़र खरीद गुलाम हो सकते है ,,,,,मोलवी मुल्ला हो सकते है ,,,लेकिन दोस्तों ,,अब वोह ज़माने गए ,,जब सिर्फ एक इशारे पर वोट पढ़ा करते थे ,,भड़काकर ,,उकसाकर ,,डराकर ,,वोट लिया करते थे ,,अब मुस्लिम समाज ,,,राजनितिक रूप से साक्षर हो गया है ,,बालिग़ हो गया है ,,वोह मुद्दे देखता है ,वोह समाज को कोनसी पार्टी,,, कितना प्रतिनिधित्व दे रही है ,,अगर प्रतिनिधित्व दे रही है तो ,,,वोह दिखावे के तोर पर ,,,या फिर दिल से प्रतिनिधित्व दे रही है ,,किस पार्टी में ,,,सरकार बनने पर ,,किसको क्या पद मिले है ,,समाज देखता है ,,समाज के लिए ,,,सरकारों ने क्या सहूलियते दी ,,समाज देखता है ,,दो कुछ मत ,,शोर पूरा मचाओ ,,विवाद पैदा करो ,,आंकड़ो में देना दिखाओ और भौतिक रूप से अंगूठा दिखाओ ,,यह सब अब मुस्लिम समाज समझने लगा है ,,पार्टी के लिए,,, जो वोट मांगने जाता है ,,समाज ,,,उसका गिरेहबान पकड़ कर ,,सवाल करता है ,,समाज को क्या मिला ,,,क्यों वोट दे ,उस वक़्त ,,वोट मांगने वाला नेता,,, या तो कुतर्क करता है ,,या फिर सर झुका कर खड़ा हो जाता है ,,,,,दोस्तों साधू ,,सन्त ,,साध्वी ,,महाराज अगर सियासत में ,,,खुले रूप से रहे तो ,,,कोई ऐतराज़ नहीं,, सुविधाएं भोगे ,,,कोई ऐतराज़ नहीं ,,लेकिन मोलवी मुल्ला ,,,क़ाज़ी ,,मुफ़्ती पर,,, सभी को ऐतराज़ हो जाता है ,,,,किसी शास्त्र ,,किसी गीता ,,रामायण ,,वेद ,,क़ुरआन ,,बाइबिल ,,गुरुवाणी ,,,में नहीं लिखा ,,,के वोट किसको दिया जाए ,,हाँ ,,,क़ुरआन शरीफ का आदेश ज़रूर है ,,के इंतिखाब के वक़्त ,,दुश्मन के मुक़ाबिल ,,तुम्हारे दोस्त को चुनो ,,अब मुसलमान ,साक्षर होने के बाद ,,,समझता है ,,,उसका भला किसमे है ,,तुष्टिकरण कहने वाले आर एस एस को आखिर ,,राष्ट्रवादी मुस्लिम मंच ,,आर एस एस बनाने की ज़रुरत क्यों पढ़ी ,,भाजपा को आखिर अल्पसंख्यक विभाग बनाने की ज़रुरत क्यों पढ़ी ,,,आम मुसलमान यह जानता है के,, जब मुस्लिम सदस्य को टिकिट दिया जाता है तो ,,,उसे पार्टी समर्थित वोटर्स की ,,गेर मुस्लिम भाइयो की ,, भाग संख्याओं से ,,वोट क्यों नही मिलता ,,जबकि दूसरे समाज के लोग ,,मुस्लिम बाहुल्य बस्तियों से,,, चुनाव लड़ते है और एक मुश्त,,,, वोट लेते है ,,सो में से सो वोट,,,, देने वालो को,,, जब योजनाबद्ध तरीके से उनकी सीट पर हराया जाता है ,,तब वोह नाराज़ होता है ,,कोटा में नईमुद्दीन गुड्डू को ,,,,ज़िलापरिषद का कोंग्रेस ने टिकिट दिया ,,कोंग्रेस के टिकिट पर,,, चुनाव जीते तेरह सदस्य थे ,,,तीन सदस्य भाजपा में गए भाजपा अल्पमत में होकर भी कोंग्रेस के मुस्लिम विरोधी गद्दारों की वजह से जीत गयी ,,गुड्डू को सिर्फ मुस्लिम होने की वजह से,,,, हरा दिया गया ,,आज तक उन धोखेबाजों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई ,,कार्यकर्ता काम करता है ,,,खूब काम करता है ,,लेकिन ,,जब सरकार आती है तो कार्यकर्ता को कोने में बिठाकर ,,,सियासी ,,मलाईदार पदों पर ,किसी मोलवी ,,मुल्ला ,,किसी रिटायर्ड अफसर को,,, नियुक्त कर कार्यकर्ताओं की छाती पर,,, मुंग दलने के लिए ,,,बिठा दिया जाता है ,, राजस्थान में,,,, सोलाह कोंग्रेस के टिकिट पर चुनाव लड़े ,,,मुस्लिम समाज का हश्र ,,गेर मुस्लिम कोंग्रेसी बाहुल्य इलाक़ों में ,,वोट प्रतिशत का भाग संख्या वाइज़,,, नतीजे लोगों ने अपने पास रख रखे है ,,आखिर ऐसा क्यों हुआ ,,भाजपा के चार उम्मदीवारों में से ,,,,भाजपा दो मुस्लिम चेहरों को ,,,,जिताकर लायी ,,,जबकि कोंग्रेस सोलाह में से ,,,एक भी विधायक नहीं जिता पायी ,,शासन में मुस्लिम प्रतिनिधियों को वक़्फ़ बोर्ड ,,,, मदरसा ,बोर्ड ,वक़्फ़ विकास परिषद ,,हज कमेटी जैसे पद मिलते है ,,वोह तो भाजपा के कार्यकाल में भी मिलते है ,,आर एस एस ,,मुस्लिम समाज में राष्ट्रवादी मुस्लिम मंच के नाम पर,,, घर घर सेंध लगा रही है ,,उनके सरकारी ,,सियासी,,, सभी काम करवा रही है ,राजकीय पद दिलवा रही है ,,खुद नरेन्द्र मोदी के रणनीतिकार ,,,,बी एम डब्ल्यू सर है ,,महिला मुस्लिम,,, उनकी प्रचारक है ,,जबकि ,,मौलाना वाइस चांसलर जैसे न जाने कितने लोग ,,,मोदी से फायदा उठा चुके है ,ऐसे में ,,,बदलाव तो शुरू होना था ,,मुस्लिम वोट,,,, जब साक्षर हो गया,,, तो ,फिर इस हाथ दे ,,,उस हाथ ले ,,,की रणनीति तो बनेगी ही ,,लेकिन हमारा मिडिया,,,, बेचारा ,,जो सिर्फ मुस्लिम समाज को देखता है,,,, दूसरे समाजो के राजनितिक गठजोड़ ,,उनकी सौदेबाज़ी,,, नहीं देखता ,आखिर मिडिया ने,,,, कभी यह सवाल क्यों नहीं उठाया ,,,के सो में से ,,,,सो वोट देने वाले ,,,समाज को सरकार बनने पर ,,मुस्लिम समाज के पदों के अलावा ,,,दूसरे महत्वपूर्ण पदों पर,,, प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया जाता ,,,आखिर मिडिया यह क्यों नहीं बताता ,,,जो समाज सो में से दस वोट देते है ,,उन समाज के लोग ,,पार्टी में,,, सरकारों में,,, कैसे ऊँचे ,,ज़िम्मेदार ओहदों पर ,,,बैठाये जाते है ,,अगर ऐसा हर चुनाव के बाद होता है ,,तो आज इंटरनेट के इस युग में ,,हर मोहल्ले में,,, भाग संख्या वाइज़ ,,,,चुनाव परिणामो की जानकारी रखने वाले साक्षर मुस्लिम समाज को,,,, खुद को बदलना तो पढ़ेगा ,,अगर सियासी पार्टियां,,, उन्हें पूंछेंगी,,, तो वोह उस सियासी पार्टी को पूंछेंगे ,,,वरना उनके समाज के पद तो ,,,,कोई भी सरकार आये ,,,उन्हें मिलेंगे ही ,अभी राजस्थान में चुनाव की तैयारियों के पहले ,,उप चुनाव धौलपुर की तैयारियों के तहत ,,तुष्टिकरण करते हुए भाजपा ने ,,पूर्व विधायक सगीर अहमद को ,,राजस्थान वक़्फ़ विकास परिषद का चेयरमैन बनाकर मंत्री दर्जा दे दिया ,,,उर्दू एकेडमी को ,,पहली बार मंत्री दर्जा दिया गया ,,,ऐसे में ,,,अब धौलपुर के कुछ ही सही ,,,लेकिन मुस्लिम वोट अपना इरादा तो बदलेंगे ,,,वोट डालते वक़्त इस नज़रिये को ध्यान में रखेंगे ,,,, सभी भाजपा विधायक ,,अपने अल्पसंख्यक विभाग के कार्यकर्ताओं को,,, बुला ,,,बुलाकर उनके समाज के ,दरगाहो के ,,क़ब्रिस्तानों के ,,और निजी काम करवाने के लिए ,,कह रहे है ,,जिनके काम हो रहे है,, उन पर व्यक्तिगत अहसान बताकर,,, चुनाव में वोट डालने की अपील कर रहे है ,,तो समाज तो बदल रहा है ,,लेकिन हम ,,,हमारे सो में से सो वोट देने वाले,,, वोटर्स को रोकने की ,,,ज़रा भी कोशिश नहीं कर रहे है ,,ऐ के एन्टोनी ने सो फीसदी ,,आर एस एस का एजेंट बनकर,,,, कोंग्रेस को गुमराह कर ,,गेर मुस्लिमवादी कट्टर चेहरा बनाने की सलाह दी ,,नतीजा न महबूब मिला न विसाले यार ,,उत्तरप्रदेश के चुनाव परिणामो में ,,,,मुस्लिम समाज के भाजपा की तरफ,,, बढ़ते क़दम ,,इसी रणनीति का संकेत है ,,जो बदल जाएगा ,,,,वोह इस समाज के वोट ले जायेगा ,,जो नहीं बदलेगा,,, वोह इस समाज को दिए गए,,, धोखे के बदले,,, उत्तरप्रदेश की तरह ही,,,, धोखा खायेगा ,,भांड मिडिया कितना ही झूँठ फरेब चिल्ला ले ,,लेकिन अब यह देश ,,यह समाज और देश का प्रबुद्ध वर्ग,,,, इस कड़वे सच को जानता है ,,,,इसलिए कहता हूँ बदल जाओ ,,जो सो में से सो तुम्हारे है ,,उन्हें रोक लो वरना फिर मत कहना पहले नहीं चेताया था ,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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