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10 मार्च 2017

हाकम रिंग मास्टर को झेल रहा हूँ ,

भाई छ्ब्बीस साल से ,,इन हाकम रिंग मास्टर को झेल रहा हूँ ,,यह भी मेरे लिए ऐसे ही कहती आयी है ,, लेकिन माशा अल्लाह एक लड़का ,,,दो लडकिया ,,,अब हमारे साथ है ,,अल्लाह यह साथ ,,यह खुशियां ,,सह्तयाबी ,,उम्रदराजी के साथ ,,बनाये रखे ,,ज़ाहिर है ,,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सर से तो में बहुत ताक़तवर हूँ ,,वरना हम ,,आप जैसे लोग ही ऐसी हिम्मत कर सकते है साहिब ,,में तो छब्बीस साल से हाउस हसबेंड बनकर रह रहा हूँ ,,और यह शरीक ऐ हयात है ,,के हंस हंस कर हमारा बेंड बजाती रही है ,,लेकिन हम भी बेसुरे बेंड है ,,बजे ही नहीं ,बजे तो सुर ऐसा निकला के दुबारा बजाने की हिम्मत ही नहीं हुई ,,,, छब्बीस साल का यह लम्बा सफर ,,खूबसूरत रहा ,,अल्लाह इस खूबसूरती की डगर को और मज़बूत करे ,,आमीन सुम्मा आमीन ,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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