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10 फ़रवरी 2017

राजस्थान में भाजपा सरकार के आते ही बंजारा समाज पर योजनाबद्ध हमले

राजस्थान में भाजपा सरकार के आते ही बंजारा समाज पर योजनाबद्ध हमले ,हुए ,बंजारों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा ,,महिलाओं को बेइज़्ज़त किया ,,लूटपाट की ,,घरों का आग लगा दी ,,,सियासी पार्टियां तो कान में तेल डाल कर बैठ गयी सियासी पार्टियों के पक्ष विपक्ष के नेताओं से बंजारा सियासी चमचो की कार्यवाही के लिए मदद करने के लिए कहने तक की हिम्मत नहीं हुई ,,नतीजा यह हुआ के भीलवाड़ा ज़िले की तहसील शाहपुरा के ग्राम ढिकोला में जहाँ ,,बनजारों को घेर कर मारा ,,उनके घर जलाये गए ,,मुक़दमे दर्ज हुए ,,अब भाजपा सरकार उन मुक़दमों में अभियुक्त बनाये गए लोगों के मुक़दमे प्रकरण जनहित में वापस लेने का मानकर मुक़दमे वापस ले रही है ,,शाहपुरा न्यायालय में सरकार की एक कमेटी ने उक्त बनजारों पर हमले के मुक़दमे को जनहित में वापस लेने की सिफारिश की ,,,भीलवाड़ा कलेक्टर ,,भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक ने इस पर मोहर लगाई ,,,और सरकारी वकील ने न्यायालय में विचाराधीन इस मुक़दमे को वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र पेश कर दिया ,,इस मामले में बंजारा समाज के कुछ लोगो ने ऐतराज़ जताते हुए सरकार के इस मुक़दमे को वापस लेने के प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की है ,,अजीब बात है बंजारा समाज जिसके नेता कोंग्रेस और भाजपा में रहकर बढ़ी बढ़ी डींगें हांकते है ,,उनमे से कोई भी भाजपा के नेताओं की गर्दन नहीं पकड़ता ,,उनमे से कोई भी इस गम्भीर मुद्दे को प्रतिपक्ष के रूप में विधानसभा में उठाने के लिए नहीं कहता ,,बंजारा समाज के भाजपा सांसद से मेने वार्ता भी की लेकिन उन्होंने लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की बात कहकर पडला झाड़ लिया ,,,,ऐसे गम्भीर मामले जो सामूहिक हमले ,,,योजनाबद्ध हमले के थे ,,ऐसे मामले जिसमे राज्य मानवाधिकार आयोग ने अखतर खान अकेला की शिकायत पर प्रकरण संख्या 14/7/2904 दर्ज किया जांच हुई ,,कलेक्टर ,,एस पी बंजारो को सुरक्षा का आश्वासन और दोषी लोगो की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया ,,,इस मामले में अभी 23 जनवरी को फिर सुनवाई हुई है ,,एक तरफ मानवाधिकार आयोग में प्रकरण विचाराधीन दूसरी तरफ ,,अभियुक्तो के खिलाफ प्रकरण जनहित में वापसी की सिफारिश का हास्यास्पद सा लगता है ,,क़ानूनी पहलु पर अगर विचार किया जाए तो दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 321 के प्रावधानों में ऐसे मामले नहीं आते है और कोई भी व्यक्ति जनहित में ऐसे मामलो में अदालत से इन मामलों की वापसी पर ऐतराज़ जताकर ऐसी सिफारिशों को ख़ारिज करवा सकता है ,,,तमिलनाडु का एक मामला नन्दकुमार बनाम राज्य सरकार केरल में यही कहा गया है जो क्रिमनल लो जनरल 4040 पृष्ठ पर केरल हाईकोर्ट का फैसला भी प्रकाशित हुआ है ,,इसी तरह सुभाष चन्द्र बोस बनाम स्टेट आंध्र प्रदेश में आंध्रा हाईकोर्ट ने भी सिद्धांत प्रतिपादित किये है ,,जो भी क्रिमनल ला जनरल पृष्ठ 2397 पर प्रकाशित हुआ है ,,,अन्य प्रकरण आल इण्डिया रिपोर्टर सुप्रीम कोर्ट पृष्ठ 2014 सुप्रीमकोर्ट ,,2012 पार्ट एक क्रिमनल ला रिपोर्टर राजस्थान पृष्ठ 437 आर सी सी 2014 सुप्रीमकोर्ट 701 सहित कई मामलो में ऐसे सिद्धांत प्रतिपादित है फिर भी भाजपा सरकार बंजारो के इन ज़ालिम हमलावरों को सार्वजनिक हित का बताकर वापस लेने पर आमादा है ,,इधर बंजारा समाज डरा और सहमा है जबकि इनके नेता जो बंजारो के नाम की रोटियां खा रहे है वोह आज भी सियासी पार्टियों के सिर्फ तलवे ही चाट रहे है खुल कर अपनी अपनी पार्टियों के नेताओ के गिरेहबान पर हाथ नहीं डाल रहे है ,,विदित रहे की
राजस्थान के भीलवाड़ा ज़िले की तहसील शाहपुरा के गाँव ढीकोला के पास ढीकोला की ढाँडी गाँव में बसे बंजारों के 42 परिवारों को ढीकोला गाँव के उत्पाती लोगों ने तबाह और बर्बाद कर दिया था ,, दो वर्ष पूर्व 19 अगस्त को ढीकोला गाँव के लोगों ने पंचायत की और छोटे ,,बढ़े ,,बुज़ुर्ग ,,महिलाओं को निर्देश दिया गया के,,, अगर बंजारों को तबाह नहीं किया और इस लड़ाई में शामिल नहीं हुए तो ,,,,ऐसे व्यक्ति पर 11000 रूपये का जुरमाना लगाया जाएगा ,,,पुलिस चौकी के पास स्थित शाहपुरा मुख्य मार्ग पर स्थित इस गाँव में तबाही की योजना बनती रही ,,लोग ट्रेक्टर भर कर ,,केरोसिन ,पेट्रोल लेकर जाते रहे ,,,लेकिन पुलिस और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा ,, कालू बंजारा उप सरपंच की सुचना पर ,,,पुलिस आई ,,,लेकिन बंजारों को बचाने नहीं ,,,अपने अपने घरों को छोड़कर भाग जाने के लिए कहने आई और सुरक्षित स्थान पर ले गयी ,,इधर ढीकोला गाँव के दो हज़ार से भी अधिक उत्पाती,,, जिसमे सरकारी कर्मचारी पटवारी ,,अध्यापक भी शामिल थे ,,,उन्होंने पूरी बंजारा बस्ती पर हमला बोला,,,, लगभग चार घंटे तक तबाही मचाई ,,सोने चांदी के जेवरातों की लूटपाट की ,,,मकानों को ,,,वाहनों को आग लगाई ,,,महिला और बच्चों के साथ छेड़छाड़ की ,,,उन्हें डराया धमकाया और खुले रूप से,,, तांडव करते हुए सभी क़ीमती सामान लूट कर ले गए ,,स्कूल पर हमला बोला ,,,,बुज़ुर्ग और बच्चों को पीटा ,,,महिला अध्यापिका ,,जो बच्चों को नहीं पीटने की मिन्नत कर रही थी ,,,उसे भी पीटा गया ,,यह सब क्रूरतम कार्य होता रहा और पुलिस प्रशासन,,, सब तमाशा देखता रहा ,,बंजारा समाज की तरफ से एफ आई आर 222 ,,223 ,,224 ,,225 ,,दर्ज करवाई गयी,,,, समाज के लोग एक हुए ,,,तब मुख्यमंत्री वसुंधरा सिंधिया को शिकायत की ,,तब कहीं प्रशासन जागा ,,,,,,बंजारा समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ,,कैलाश बंजारा ,,,राजेन्द्र सोमावत ,,एम सी बंजारा ,,,,मानसिंघ बंजारा ,,,केसरी बंजारा सरपंच सहित मावाधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट अख्तर खान अकेला व् अन्य लोगों ने ,,, मौके का जायज़ा लिया,,, तबाह और बर्बाद हुए बंजारों का हाल जाना ,,,वहां रोते बिलखते बच्चे ,,सुबकती महिलाएं ,,अपनी बर्बादी का हाल बता रही थी ,,पुलिस सुरक्षा में लगी थी ,,,वहां उपस्थित अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक हर्ष और तहसीलदार से वार्ता की गयी उन्होंने पुनर्वास और सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया ,,,,,,,,बंजारा समाज के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने ,,अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने ,,दोषी सरकारी कर्मचारियों ,, पुलिस कर्मियों ,,घटना में लिप्त सभी सरकारी कर्मचारियों को तुरंत बर्खास्त करने ,,सभी नामज़द अपराधियों को बिना सियासी दबाव के तुरंत गिरफ्तार करने ,,,,बंजारा समाज के सभी परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने ,,,उन्हें पुनर्वासित करने के लिए पक्के मकान दुबारा से बनाने के लिए सहायता उपलब्ध कराने ,,,,प्रत्येक परिवार को कमसे कम,,, दस लाख मुआवज़ा देने की मांग की गयी ,,,वहाँ प्रशासन ने समुचित सहायता का ऐलान किया ,,,तात्कालिक सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया ,,सभी परिवारों को चयनित परिवार घोषित किया गया ,,,गाँव में ,,,आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की मांग पर ,,,प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया ,,दोषी लोगों को गिरफ्तार कर ,,,ज़ेवर वगेरा बरामदगी का आश्वासन दिया ,,,बंजारों को पुरे गांव ने,,, तिरस्कृत और बेसहारा समझ कर ,,,तबाह और बर्बाद करने की ठानी थी लेकिन ,,,,बंजारा समाज की एकता और राष्ट्रीय पदाधिकारी कैलाश बंजारा के नेतृत्व में गयी टीम ने बंजारों में एक आत्मविश्वास का जागरण क्या था और उन्हें पुनर्वासित करने के लिए विशेष पैकेज की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की धमकी दी थी ,,अफसोसनाक बात यह है के इस गाँव में बंजारों के आंसू पोंछने के लिए कोई भी कोंग्रेसी या भाजपाई नहीं गया था ,,,,,,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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