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28 जनवरी 2017

अच्छा हुआ

अच्छा हुआ
मेरी बेपनाह
मोहब्बत के बदले
तुमने मुझे
नफरत दी है ,,
अच्छा हुआ
हमारे बात करते ही
तुम्हारा दिमाग
खराब होता है ,
अगर
मेरी मोहब्बत के बदले
तुम मुझे मोहब्बत देते
मेरी बातों से
तुम अगर खुश होते ,,
सच में तो यूँ ही
खुशी से मर जाता ,,
अच्छा हुआ तुमने
नफरत करके
मुझे ज़िंदा तो रख लिया ,,अख्तर

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