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25 जनवरी 2017

दोस्तों मेरे जीवन की लेखन दुनिया में ,,मेने कल सबसे बढ़ी ,,पहली और आखरी गुस्ताखी की

दोस्तों मेरे जीवन की लेखन दुनिया में ,,मेने कल सबसे बढ़ी ,,पहली और आखरी गुस्ताखी की ,,मुझे मेरे मित्रो ने अहसास दिलाया ,,यह भाषा लेखन क्षेत्र में ,,,शोभा नहीं देती ,,सच ,,,में अपनी गलती मानता हूँ ,,तोबा करता हूँ ,,,मेने कल ,,,देश में सुकून भरे माहौल को ,,बर्बाद करने आये ,,,पाकिस्तानी और अमेरिकी एजेंट ,,,तारीख फतह को,, उल्लू का पट्ठा,, और तारिक फतह के ज़रिये देश में माहौल बिगाड़ने की साज़िश में जुटे ,,अमेरिकी ,,पाकिस्तानी छद्म एजेंटों को भी,, उल्लू का पट्ठा ,,,कहकर सम्बोधित क्या था ,,,मुझे ऐसा नहीं लिखना चाहिए था ,,मेने लेखन की मर्यादा भंग की है ,,में मेरे मित्र ,,डैनी माधवानी ,,,सतपाल देवगन ,,डॉक्टर रजत बेरी ,,सौरभ अग्रवाल ,,मेरे भाई महेश विजवर्गीय की टोका ताकी से खुश हूँ ,,में इन भाइयो का शुक्रिया अदा करता हूँ ,,मेरी गलती है ,,यह जो चाहे मुझ पर जुर्माना लगाए ,,में जुर्माना देने को तैयार हूँ ,,मेरे दोस्तों ,,मेरे भाइयो ,,अमेरिका में क्या होता है ,,पाकिस्तान में क्या होता है ,,पूरा विश्व जानता है ,,विश्व में अगर कोई पवित्र देश है ,,लोकतंत्र का मन्दिर,,, कोई देश है ,,विश्व में अगर ,,,सभी धर्मो का सम्मान करने वाला ,,अगर कोई देश है ,,तो मुझे गर्व है ,,के सारे जहाँ से अच्छा ,,,,मेरा हिंदुस्तान है ,,दोस्तों ,,मेरा भारत महान है ,,लेकिन आप और हम ,,,सभी जानते है ,,इस देश की अटूट एकता ,अखण्डता ,,साम्प्रदायिक सद्भाव ,,,,सभी धर्मो का सम्मान ,,एक सन्स्क्रति है ,,एक खासियत है ,,विश्व में सिर्फ हमारा देश ही ऐसा महान है,,, जहाँ सभी धर्मो को बराबर का सम्मान ,,बराबर की आज़ादी और धर्मो के मामले में,,, पीर ,,पैगम्बर ,, देवी ,,देवताओ का अपमान ,,,करने वाले लोगो को ,,,जेल भेजने का प्रावधान है ,,हमारे देश में ,,,ज़ाकिर नाईक जैसे गद्दारो की क्या हालत हुई ,,,सभी जानते है ,,दूसरे धर्मो को गाली देकर ,,,, आज तक कोई भी हीरो ,,,नहीं बन सका है ,लेकिन ,,,ऐसे लोगो को सिर्फ और सिर्फ,,,, देश में माहौल बिगाड़ने और अराजकता का माहौल बनाने के लिए,,,, इस्तेमाल किया जाता रहा है ,,ज़रा सोचिये ,,जब दूसरे मज़हब को ,,,गाली देने वाले ,,,ज़ाकिर नाइक को,,,, हमारा देश सबक़ सीखा सकता है तो,,,,, फिर तारीक फतेह को ,,,किस योजना ,,किस क़ानून के तहत ,,,हमारे देश में बुलाकर,,, एक योजनाबद्ध तरीके से,,, माहौल बिगाड़ने की साज़िश रची जा रही है ,,जहां यह कार्यक्रम होता है ,,,वहां कलेक्टर है ,,पुलिस अधीक्षक है ,,मंत्री है ,,मुख्यमंत्री है ,,देश में प्रधानमंत्री है ,,,सी बी आई है ,,आई बी है ,,सुप्रीमकोर्ट ,है ,जनता की अदालत है ,,ब्रॉडकास्ट मिनिस्ट्री है ,,,जो ऐसे कार्यक्रमो को रोककर,,, ऐसे आयोजको के खिलाफ,, कार्यवाही करने के लिए देश के क़ानून के तहत बाध्य है ,,लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया ,,मेरे दोस्तों ,,,ज़रा अपने दिल पर हाथ रख कर पूंछे ,,अगर कोई भी शख्स ,,,एक योजना बनाकर ,,कपोल कल्पित बात कर ,,हमारे देवी देवताओ ,,पीर पैगम्बरो ,,सन्त ,,महात्माओ के लिए ,,,बेहूदा बात ,करे ,हमारी आस्थाओ पर,,, अगर कोई शख्स हमला करे,,, तो क्या हमे सिर्फ,,, उसकी बेवक़ूफ़ी या षड्यन्त्र पर इसलिए तालियां बजाना चाहिए ,,क्योंकि वोह दूसरे धर्म के बारे में मखोल उढा रहा है ,,,आदरणीय हमारे देश में ज़र्दे के पाउच के विज्ञापन में जब,,, रामायण की चोपाई लिखी गयी ,,अगरबत्तियों के पैकेट पर जब,, देवीदेवताओं की तस्वीरे छाप कर,,, उन्हें नालियो में फेंका गया ,,जब डॉक्टर ज़ाकिर नाइक ने देश के दूसरे धर्मो को ,,,अपमानित करने का प्रयास किया ,,,तब मेने इनका विरोध किया ,,मुक़दमे दर्ज करवाये ,,कुछ मुक़दमे आज भी विचाराधीन है ,तस्लीमा नसरीन हो ,,सलमान रुश्दी हो ,,जो भी हो,,, अगर किसी भी मज़हब की आस्था को ,,चोट पहुंचाते है ,,,तो हमे मिलकर,,, उसका विरोध करना चाहिए ,,,फिल्म पी के हो,,, चाहे ,,ओह माई गॉड हो,,, में इनसे सहमत नहीं रहा ,,हमारे देश में सबकी अपनी मज़हबी आस्थाये है ,,उनकी अपनी सोच है ,,उनकी लोककथाएं ,,,,धार्मिक गाथाएं ,,देवी देवता ,,पीर पैगम्बर है ,,साधू सन्त है,,, ऐसे में,,, उनपर कोई भी ,,ऊँगली उठाये ,,,तो मेरे विचार में ,,,हमारा देश का क़ानून ऐसे लोगो को ,,अपराधी मानता है ,,ऐसे लोगो के लिए हमारे देश में ,,,जेलें बनाई गयी है ,,ऐसे लोगो के लिए,,, तीन साल की सजा से लेकर,,, म्रत्यु दंड तक की सजा का प्रावधान है ,फिर लेखन की आज़ादी ,,बोलने की आज़ादी के नाम पर ,,,दूसरे मज़हबो पर उँगलियाँ उठाने पर ,,,,हम तालियां पीटते है और हमारे मज़हब का मखोल उड़ाने पर ,,,हम छाती माथा कूटते है ,,हमारा यह दोहरा चरित्र ,,समझ से बाहर की बात है ,,में गर्व के साथ कह सकता हूँ ,,,के मेने हर मज़हब का सम्मान किया है ,,और मज़हब हिन्दू हो,,, तब भी मेने उसकी आस्थाओ की,, विधिक सुरक्षा के लिए संघर्ष किया है ,,मुस्लिम हो ,,,,सिक्ख हो ,,ईसाई हो ,,,सभी के लिए मेने,,,, क़ानूनी तोर पर कार्यवाही की है ,,लेकिन पुरे देश में,,, में अकेला तो नहीं ,,आप भी है ,,देश का क़ानून है ,देश का संविधान है ,,देश में ऐसी अराजकता को रोकने वाले ,,,विधिक सिस्टम अधिकारी है ,ज़रा सोचो ,,,ऐसी हरकतों पर जब,,, यह सिस्टम टूट जाता है ,,खामोश हो जाता है ,,,दोहरा किरदार निभाता है,,, तो कितना गुस्सा आता होगा ,,ज़रा सोचो ,,कोई हमारे मज़हब,, यह इनसे जुड़े आस्थावान लोगो को,,, गाली दे ,,गलत व्याख्या करे ,,,तो ऐसे लोगो के लिए क्या हम चुप रह सकेंगे ,,,,भगवान राम की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले ,,,एक लेख के मामले में,,, मेने ऐसे लेखक को ,,,दण्डित करवाया है ,,यह सभी जानते है ,,,किसी भी मज़हब का अपमान ,,कमसे कम हमारे देश हमारी सन्स्क्रति में तो,,, सम्भवं नहीं है ,,लेकिन इसे हमने ,,,हमारी एकतरफा सोच से ,,सम्भव बना दिया ,,दोस्तों अपने धड़कते दिल से पूँछिये,,, आखिर कोसो दूर बैठे,,, एक तारिक फतह ,,जिसका कोई वुजूद नहीं ,,जो सिर्फ और सिर्फ अमेरिका का एजेंट कहलाता है ,,उसे देश में बुलाकर ,,मज़हब के मामले में,,, बात करने के लिए ,,गेरमज़हबी तरीक़ा अपनाना ,,क्या इस देश के अमन सुकून के लिए,,, साज़िश नहीं ,,इस देश के क़ानून के खिलाफ ,,मर्यादाओं के खिलाफ ,संविधान के खिलाफ नहीं ,,इस देश की वर्षो ,,,पुरानी सःह्रदयता के खिलाफ नहीं ,,फिर यह साज़िश किसकी योजना हो सकती है ,,देश में इस साज़िश में कोन शामिल है ,,आज लोगो के खिलाफ क्या कार्यवाही नहीं होना चाहिए ,,ऐसी गन्दगी क्या साफ़ नहीं होना चाहिए ,,और अगर ऐसी गन्दगी ,,लगातार जारी है ,,कोई क़ानूनी कार्यवाही नहीं हो रही है ,,डंके की चोट पर,,, मज़हबी भावनाओ को ठेस पहुंचाया जा रही है,, तो एक आम हिंदुस्तानी के नाते ,,,क्या आपको,,, हमे ,,बोलने का हक़ नही ,, हमारा बोलने ,,हमारा इसके खिलाफ लिखने का ,,,कर्तव्य नहीं ,अगर है,,, तो अपने धड़कते दिल से पूंछो ,फिर हम चुप क्यों है ,,फिर हम चुप क्यों है ,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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