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03 जनवरी 2017

ऐ सर्द हवा

ऐ सर्द हवा
तू मेरी
साहिबा के पास जा ,,,,
जा उनसे
पूंछ कर आ ,,
क्या हुआ
वायदा तुम्हारा
जो तुमने
मुझे हर हाल में
खुश रखने का
क्या हुआ था ,,
क्या हुआ जो
तुमने कहा था
में हूँ ना
में हूँ ना ,,
ऐ हवा जा ,,,अख्तर

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