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31 अक्तूबर 2016

कोटा के एक थाने में थानेदार सर के ,,थाने में बने घर से ज़ेवर ,,नकदी चोरी

कोटा के एक थाने में थानेदार सर के ,,थाने में बने घर से ज़ेवर ,,नकदी चोरी ,,घर में काम करने वाले इमरान पर शक ,, चोरी के वक़्त ,,इमरान मेले में झूले पर ड्यूटी पर तैनात ,,शक के दायरे में इमरान को पूंछतांछ के नाम पर पांच दिन से नाजायज़ हिरासत में रखा गया ,,माँ ,,,बहन ,,बेटी ,,पत्नी सब के सामने प्रताड़ना ,,सभी के घरो की तलाशी ,,नतीजा सिफर ,,माँ ने केवल चड्डी में बेटे को सूजी हुई हालत में देखा ,,,इमरान की बीवी ,,बच्ची को थाने में जाते देखा ,,एन्टीमार्टम चोट के साथ वापस लोटी ,,अचानक मोत ,,इमरान जो नाजायज़ हिरासत में था ,,बिना मेडिकल ,,बिना गिरफ्तारी ,,बिना रिमांड के छोड़ दिया गया ,,लेकिन एक बेबस पत्नी ,,लाचार औरत ,,के ऐंटी मोर्टम चोटें कहा से आयी ,,उसकी मोत कैसे हुई ,,बिना पोस्टमार्टम के रस्यमयी तरीके से ख़ौफ़ज़दा माहौल में अंतिम संस्कार और एक कहानी ,,एक तफ्तीश खत्म ,,,,एक राज़ खत्म ,,,अजीब किस्से है ,,,एक घर तबाह ,,थानेदार जी की चोरी की तफ्तीश अपनी जगह ,,उनकी गाढ़ी कमाई की चोरी ,,बरामद नहीं हुई ,,चोर कोन है ,,,नाजायज़ हिरासत सही थी या गलत ,,नाजायज़ हिरासत में रहने वाले की पत्नी की मोत का कारण क्या रहा ,,इसकी जांच राज्य मानवाधिकार आयोग करे तो शायद कुछ गुत्थी सुलझे ,,,थानेदार जी का चोरी गया सामान भी बरामद होना ज़रूरी है ,,चोर को नामजद कर चोरी की सज़ा देना भी ज़रूरी है ,,,एक बेचारी ,,,एक बेबस औरत जिसका क़ुसूर सिर्फ नाजायज़ हिरासत में रहे युवक की पत्नी होने के अलावा और कुछ दूसरा न था ,,उसकी मोत की जांच भी होना ज़रूरी है ,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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