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13 मार्च 2016

माल्या ने कहा- दोस्त के साथ पर्सनल टूर पर हूं, भारत लौटने का यह सही वक्त नहीं



कैलेंडर गर्ल्स के साथ विजय माल्या। (फाइल)
कैलेंडर गर्ल्स के साथ विजय माल्या। (फाइल)
नई दिल्ली. विजय माल्या ने कहा है कि उनके अभी भारत लौटने का सही वक्त नहीं है क्योंकि देश में उन्हें विलेन बनाया जा रहा है। बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए के कर्जदार माल्या के मुताबिक, “मैं दिल्ली से अपने एक दोस्त के साथ एक प्राइवेट टूर पर निकला हूं। ये बिजनेस विजिट नहीं है। बीते एक साल से मेरे खिलाफ लुकआउट सर्कुलर है, लेकिन मैं देश छोड़कर नहीं भागा। अब मुझे छिपने के लिए मजबूर किया जा रहा है।” माल्या ने कहा- बिजनेस एक रिस्क है, यह देखकर ही बैंकों ने लोन दिया था...
- माल्या ने द संडे गार्डियन को दिए इंटरव्यू में कहा, ''मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं नहीं चाहता के मेरे बारे में कोई कुछ कहे। मुझे विलेन बनाया जा रहा है।''
- ''मैं छिपने के लिए मजबूर किया गया हूं। मैं दिल से हिंदुस्तानी हूं। यकीनन मैं वापस आना चाहता हूं।''
- ''लेकिन मैं नहीं जानता कि कब मुझे अपनी बात रखने का सही मौका मिलेगा।''
- ''मैं उम्मीद करता हूं कि एक दिन वापस आऊंगा।''
- ''भारत ने मुझे सब कुछ दिया है। इसने ही मुझे विजय माल्या बनाया है।''
- ''विजय माल्या ने अपने लोन को सही ठहराते हुए कहा कि कारोबार एक खतरा है।''
- ''बैंक ने उस खतरे को भांपने के बाद ही लोन दिया था। लोन देने का फैसला बैंक का था, हमारा नहीं था।''
शराब कारोबारी के खिलाफ जारी हुआ वारंट...
- देश छोड़ने वाले विजय माल्या के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी हुआ है।
- हैदराबाद के एक कोर्ट ने लोन से जुड़े चीटिंग के केस में पेश न होने पर यह वारंट जारी किया है।
- एचडी देवगौड़ा ने माल्या का सपोर्ट किया है। कहा, ''माल्या भाग नहीं रहे हैं, इन दिनों सभी एयरलाइंस को घाटा हो रहा है और उनके जैसे इंटरनेशनल बिजनसमैन को टारगेट करना मेरी समझ में नहीं आता है। वे कर्नाटक के सपूत हैं।''
माल्या बोले- मीडिया मेरा शिकार करने में लगा है, पर खोज नहीं पा रहा...
- इससे पहले माल्या ने रविवार सुबह एक बार फिर ट्वीट किया है।
- लिखा, ''यूके में मीडिया मेरा पीछा कर रहा है। लेकिन दुखद है कि वे सही जगह तलाश नहीं कर पा रहे हैं। मैं मीडिया से बात नहीं करूंगा, इसलिए अपनी मेहनत बर्बाद मत करें।''
- देश छोड़ने को लेकर माल्या ने दो दिन पहले भी ट्वीट कर कहा था, ''मैं भगोड़ा नहीं हूं।''
- माल्या पर 9 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा का कर्ज है।
किंगफिशर एयरलाइन्स के इम्प्लॉइज ने मोदी को लिखा लेटर...
- अक्टूबर, 2012 में बंद हुई किंगफिशर एयरलाइन्स के इम्प्लॉइज बकाया न मिलने से परेशान हैं।
- शनिवार को इन लोगों ने नरेंद्र मोदी को लेटर लिखकर मदद मांगी। इम्प्लॉइज ने किंगफिशर के ऑफिस के बाहर प्रोटेस्ट भी किया।
- मोदी को लिखी चिट्ठी में इन लोगों ने अपील की है कि पीएम उनके मामले में दखल दें और मदद भी करें।
- इन लोगों का कहना है कि उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी परेशान कर रहा है, जबकि गलती कंपनी की है।
- किंगफिशर के पूर्व इम्प्लॉइज का आरोप है कि उन्हें ड्यूज का पेमेंट नहीं किया गया। इसमें सैलरी के अलावा, प्रोविडेंट फंड और ग्रैच्युटी शामिल है।
- शनिवार को इन लोगों ने किंगफिशर एयरलाइन्स के ऑफिस के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
- इन लोगों ने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वे कानूनी लड़ाई लड़ सकें।
केजरीवाल ने साधा पीएम पर निशाना
- अरविंद केजरीवाल ने विजय माल्या के देश छोड़ने पर नरेंद्र मोदी और सीबीआई पर निशाना साधा है।
- केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा- "जब सीबीआई हर काम पीएम से पूछकर करती है, तो माल्या के देश छोड़कर जाने का जवाब भी उन्हीं को देना होगा।"
- केजरीवाल ने लिखा- "सीबीआई सीधे पीएम को रिपोर्ट करती है। पीएम को ये बताना चाहिए कि माल्या देश छोड़कर कैसे चले गए?"
- "सीबीआई पीएम के अप्रूवल के बिना ऐसा नहीं कर सकती।"
ED करेगा माल्या से पूछताछ
- एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने बैंकों के नौ हजार करोड़ के कर्जदार विजय माल्या को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ के लिए बुलाया है। 18 मार्च को उन्हें हाजिर होना होगा।
- इससे पहले शुक्रवार सुबह माल्या ने ट्वीट कर सफाई दी। उन्होंने लिखा, ''मैं इंटरनेशनल बिजनेसमैन हूं, भगोड़ा नहीं।''
सीबीआई पर क्यों उठ रहे सवाल?
- सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2015 को माल्या के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया। इसका नंबर DPBSM/2015/724/RCNSM 2015 E 0006 था।
- नवंबर को एक नया सर्कुलर जारी किया। इस बार इसका नंबर 1049/RCBSM/2015/E0006 था।
- पहले सर्कुलर में इस बात का जिक्र था कि अगर माल्या देश छोड़ने की कोशिश करते हैं तो इमिग्रेशन अथॉरिटीज उन्हें डिटेन कर लें।
- दूसरे सर्कुलर में माल्या को डिटेन करने की शर्त हटा दी गई थी। सिर्फ उनके मूवमेंट पर नजर रखने का जिक्र था।
- एक महीने में सर्कुलर बदल लेने के चलते ही सीबीआई सवालों के घेरे में है।
इस बीच, सीबीआई ने एक बयान जारी कर कहा कि लोअर लेवल अफसर की गलती के कारण डिटेंशन ऑर्डर जारी हुआ था।
ईडी ने 17 बैंकों को भी दिया नोटिस
- ईडी ने शुक्रवार को 17 बैंकों को भी नोटिस दिया। उनसे किंगफिशर एयरलाइन्स को दिए गए लोन के डिटेल्स पेश करने को कहा है।
- माल्या के साथ एयरलाइन्स के पूर्व सीएफओ ए रघुनाथन को भी पेश होने को कहा गया है।
- इससे पहले राज्यसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन गुलाम नबी आजाद ने सीबीआई के रोल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ''सीबीआई ने अक्टूबर 2015 में माल्या के खिलाफ जारी लुकआउट नोटिस को क्यों बदला? उन्हें डिटेन किए जाने की एडवाइजरी को बदलकर सिर्फ मूवमेंट की इन्फॉर्मेशन देने को क्यों कहा गया?''
- आजाद ने सवाल उठाया कि ग्रीनपीस एक्टिविस्ट प्रिया पिल्लई को सरकार ने एयरपोर्ट पर ही रोक लिया था, जबकि उनके खिलाफ कोई कोर्ट ऑर्डर नहीं था। वहीं, सरकार माल्या के केस में यह दलील दे रही है कि कोर्ट ऑर्डर नहीं होने की वजह से उन्हें रोका नहीं जा सका।
इससे पहले माल्या ने ट्वीट कर क्या कहा था?
- माल्या ने शुक्रवार को 5 ट्वीट किए थे। इसमें कहा था- "मैं इंटरनेशनल बिजनेसमैन हूं। मैं भारत से बाहर लगातार ट्रैवल करता हूं।"
- "मैं भारत से भागा नहीं हूं। भगोड़ा नहीं हूं। ये सब बेतुकी बातें हैं।"
- "सांसद होने के नाते मैं कानून का पूरा सम्मान करता हूं। हमारा ज्यूडिशियल सिस्टम काफी मजबूत और सम्मानित है। मीडिया मेरा ट्रायल न करे।"
- "मीडिया बॉसेस ये ना भूलें कि मैंने कई साल उनकी मदद की है। ये सब डॉक्युमेंटेड है। अब वे टीआरपी हासिल करने के लिए झूठ बोल रहे हैं।"
माल्या के खिलाफ बेहद कमजोर था सीबीआई का नोटिस
- विजय माल्या किंगफिशर एयरलाइन्स चलाते थे। इस कंपनी का घाटा साल-दर-साल बढ़ता रहा। वे बैंकों से कर्ज लेते रहे।
- उन पर बकाया कर्ज 9000 करोड़ रुपए तक हो गया। उनके ट्रेडमार्क सीज किए गए। लेकिन पूरी रिकवरी नहीं हो पाई।
- इसी महीने बैंकों ने पहले कर्ज रिकवरी ट्रिब्यूनल और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
- लेकिन बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट काे सरकार के ही वकीलों ने बताया कि माल्या 2 मार्च को देश छोड़कर जा चुके हैं।
- माल्या के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है। अब लंदन में इंडियन एम्बेसी के जरिए उनके खिलाफ कार्रवाई की कोशिशें होंगी।
- अब यह खुलासा हुआ है कि सीबीआई ने माल्या के खिलाफ अक्टूबर 2015 से लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था। लेकिन यह इतना कमजोर था कि इसमें माल्या को हिरासत में लेने की कोई एडवाइजरी नहीं थी।
1 मार्च को राज्यसभा, 2 मार्च को लंदन, किस फ्लाइट से दिल्ली से रवाना हुए?
- राज्यसभा के अटेंडेंस रिकॉर्ड के मुताबिक, विजय माल्या 1 मार्च को राज्यसभा में मौजूद रहे। अगले ही दिन यानी 2 मार्च को वे देश से भागने में कामयाब हो गए।
- 2 मार्च को वो जेट एयरवेज की फ्लाइट से दिल्ली से लंदन गए। इस दौरान उनके साथ एक महिला भी थी।
- राज्यसभा सांसद के रूप में ये माल्या का दूसरा टर्म है। पहली बार 2002 में और इसके बाद 2010 में। दूसरी बार वो कर्नाटक से बतौर इंडिपेंडेट कैंडिडेट इलेक्ट हुए थे।
- सांसद के रूप में उनका टर्म इस साल जुलाई में पूरा होगा।
- माल्या संसद की दो कमेटियों के मेंबर हैं। पहली कमेटी एविएशन मामलों से जुड़ी है तो दूसरी कॉमर्स से।
सीबीआई को थी माल्या के इरादों की जानकारी
- एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (बीओआई) ने सीबीआई को अलर्ट कर दिया था कि माल्या देश छोड़कर जाने वाले हैं।
- अलर्ट के बाद भी सीबीआई ने माल्या को रोकने की कोशिश इसलिए नहीं की, क्योंकि उसके पास माल्या के खिलाफ अरेस्ट वारंट नहीं था।
- हालांकि, ये बात भी सही है कि माल्या के खिलाफ पिछले साल ही और वो भी सीबीआई की रिक्वेस्ट पर लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।
तीखी होती बयानबाजी
- इससे पहले गुरुवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने माल्या को भागने दिया। जबकि अरुण जेटलीने कहा कि माल्या के बाहर जाने और क्वात्रोची के भागने में फर्क है। बता दें कि इटली के नागरिक क्वात्रोची पर बोफोर्स तोप सौदे में दलाली लेने का आरोप था।
- राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ''विजय माल्या सुई नहीं है जो ऐसे लापता हो जाए। सीबीआई के लुक आउट नोटिस देने के बाद पासपोर्ट जब्त क्यों नहीं हुआ? माल्या को भगाने में यह सरकार पार्टी है। कोर्ट में सरकार को पार्टी बनाना चाहिए।''
- इस पर जेटली ने कहा, ''माल्या की कंपनी को 2004 सितंबर में पहली बार सुविधा दी गई। 2 फरवरी, 2008 को फिर लोन दिया गया। जब उस वक्त अकाउंट बिगड़ा था, तो लोन क्यों दिया गया? अब सीबीआई इसकी जांच कर रही है। 30 अप्रैल 2009 को पहली बार अकाउंट एनपीए हुआ। लेकिन फिर 21 दिसंबर 2010 को इसे रिस्ट्रक्चर किया गया।'' एनपीए को किसके सपोर्ट से रिस्ट्रक्चर किया गया? हम (बीजेपी) तो विपक्ष में थे।"
यूके में माल्या का घर तलाशना है मुश्किल
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि माल्या को इंडियन एम्बेसी के जरिए नोटिस भेजा जाए। लेकिन माना जा रहा है कि सटीक पोस्टल ऐड्रेस के बिना यूके में माल्या का घर खोजना मुश्किल है।
- यूके में Queen Hoo road पर माल्या का एक बहुत बड़ा बंगला है, लेकिन कहा जा रहा है कि कुछ दिनों से वे यहां नहीं देखे गए।
- वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ पड़ोसियों ने माल्या को दो दिन पहले यहां देखने का दावा किया है।
इस केस से उठते पांच सवाल, क्या माल्या ने बैंकों को रिश्वत देकर लोन लिया...
1. लुक आउट नोटिस के बावजूद माल्या देश से चले गए?
यह सवाल इसलिए उठता है, क्योंकि जिसके खिलाफ लुक आउट नोटिस होता है, उसे एयरपोर्ट पर जरूर रोक लिया जाता है।
2. माल्या भागे हैं या भगाए गए?
शक इसलिए गहराता है, क्योंकि एक दिन पहले सरकार के वकील माल्या को भागने से रोकने की गुहार लगा रहे थे। एक दिन बाद वे बताते हैं कि माल्या 2 मार्च को ही भाग गए हैं।
3. क्या माल्या ने बैंकों को रिश्वत देकर लोन लिया?
शक इसलिए है, क्योंकि सीबीआई सवाल उठा रही कि जब माल्या की कंपनी डूब रही थी, तो एक बैंक ने उन्हें 800 करोड़ रुपए का लोन कैसे दे दिया।
4. किस आधार पर बैंकों ने दे दिए 9 हजार करोड़ रुपए के कर्ज?
यह बात इसलिए उठी, क्योंकि अटॉर्नी जनरल का दावा है कि माल्या ने लोन के लिए जो संपत्ति बैंकों में गिरवी रखी थी, वो लिए गए कर्ज का 15वां हिस्सा भी नहीं थी। फिर बैंक भी जिम्मेदार हैं।
5. सरकार दिखावा कर रही है?
वकील प्रशांत भूषण का कहना है कि सरकार अब भी चाहे तो माल्या को वापस ला सकती है। उन्होंने कहा कि अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कल सुप्रीम कोर्ट से कहा कि माल्या को देश छोड़ने से रोका जाए। आज वही पूछने पर कोर्ट से कह रहे थे- "वह तो देश से भाग चुका है।" तो सरकार ने उसे रोका क्यों नहीं?
4000 करोड़ विदेश भेज दिए?
- आरोप है कि माल्या ने कर्ज के 4 हजार करोड़ रुपए विदेश भेजे। सीबीअाई ने जुलाई में ही संबंधित देशों से संपर्क करने को कहा था।
- सीबीआई का कहना है कि बार-बार गुजारिश के बावजूद बैंकों ने माल्या को फ्रॉड घोषित कर शिकायत दर्ज नहीं कराई। जांच एजेंसी ने अपनी पहल पर ही केस दर्ज किया।
- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, माल्या 2 मार्च को प्राइवेट जेट से देश छोड़कर निकले। जाते वक्त उनके पास 11 लगेज थे।
- इससे पहले सोमवार को ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत माल्या के खिलाफ केस दर्ज किया था।
- इसमें किंगफिशर के सीएफओ ए. रघुनाथन और आईडीबीआई बैंक के कई अनाम अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया।
515 करोड़ रुपए की डील पर लग चुकी है रोक, फिर भी मिल गए 275 करोड़?
- कर्ज रिकवरी ट्रिब्यूनल ने सोमवार को ही डिआजियो कंपनी की तरफ से माल्या को 7.5 करोड़ डॉलर (515 करोड़ रु.) देने पर रोक लगा दी थी।
- डिआजियो यूनाइटेड स्पिरिट्स का चेयरमैन पद छोड़ने के एवज में माल्या को यह पैसा देने पर राजी हुई थी।
- ट्रिब्यूनल ने स्टेट बैंक के कर्ज का मामला सुलझने तक यह रोक लगाई थी।
- लेकिन माल्या को इस डील के 275 करोड़ रुपए पहले ही मिल चुके हैं।
- अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जब 17 बैंकों का कंशोर्टियम माल्या को 515 करोड़ की डील के पेमेंट पर रोक लगाने के लिए ट्रिब्यूनल पहुंचा, तब तक देर हो चुकी थी।
- रोहतगी के मुताबिक, डिआजियो 4 करोड़ डॉलर यानी करीब 275 करोड़ रुपए माल्या को दे चुकी थी।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
- एजी मुकुल रोहतगी ने बुधवार को कोर्ट के पूछने पर बताया कि माल्या तो 2 मार्च को ही देश छोड़कर जा चुके हैं।
- अब सवाल सरकार पर उठ रहे हैं। पूर्व सीबीआई चीफ जोगिंदर सिंह का कहना है कि माल्या के भागने की पूरी जानकारी सरकार को थी।
- वहीं, वकील प्रशांत भूषण का कहना है कि सीबीआई को पता था कि माल्या भाग सकते हैं, तो कोई कदम क्यों नहीं उठाया? माल्या के खिलाफ लुकआउट नोटिस तक जारी था। ऐसे में, वे भाग कैसे गए?
- अटॉर्नी जनरल के जवाब के बाद कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है। साथ ही, कहा कि उन्हें ईमेल के जरिए नोटिस भेजा जा सकता है।
- संभवत: माल्या इंग्लैंड गए हैं, इसलिए लंदन में भारतीय उच्चायोग के जरिये भी नोटिस दिया जा सकता है।
- माल्या को दो हफ्ते के भीतर जवाब देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।
विलफुल डिफॉल्टर करार दिए गए हैं माल्या
- स्टेट बैंक ने पिछले साल माल्या को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया था। इसके बाद दो अन्य बैंक भी ऐसा कर चुके हैं।
- माल्या के साथ उनकी होल्डिंग कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स और किंगफिशर एयरलाइन्स को भी विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया गया है।
- किंगफिशर एयरलाइन्स अक्टूबर 2012 से बंद पड़ी है।

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