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12 फ़रवरी 2016

JNU में देश विरोधी नारे: स्टूडेंट लीडर अरेस्ट, BJP नेता बोले- क्यों न जबान काट दी जाए

देश विरोधी नारेबाजी के खिलाफ इंडिया गेट पर प्रदर्शन करते एबीवीपी वर्कर।
देश विरोधी नारेबाजी के खिलाफ इंडिया गेट पर प्रदर्शन करते एबीवीपी वर्कर।
नई दिल्ली. जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जेएनयू स्टूडेंट यूनियन (JNUSU) के प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार को अरेस्ट कर लिया। वीडियो फुटेज के जरिए बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है। पेशी के दौरान कोर्ट ने कन्हैया से पूछा उन्हें कैसी आजादी चाहिए? इस पर स्टूडेंट लीडर ने कहा,''नारेबाजी के दौरान मैं मौजूद नहीं था।'' प्रेस क्लब में लगे थे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे...
- 9 फरवरी को जेएनयू में संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु और मकबूल भट को लेकर एक प्रोग्राम होना था। लेकिन विरोध हुआ और कुछ स्टूडेंट्स ने आतंकियों के फेवर में इंडिया गो बैक के नारे लगाए थे।
- इसके बाद 10 फरवरी की रात दिल्ली प्रेस क्लब में प्रोग्राम के दौरान कुछ लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे।
- जेएनयू के मामले में बीजेपी सांसद महेश गिरी और एबीवीपी ने बसंतकुंज थाने में केस दर्ज कराया।
- वहीं, प्रेस क्लब में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने पर दिल्ली पुलिस ने खुद केस दर्ज किया, जिसमें अलगाववादी नेता एसएआर गिलानी मुख्य आरोपी हैं।
- दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह (124ए) और आपराधिक साजिश रचने (120बी) की धाराओं में केस दर्ज किया है।
विजयवर्गीय ने क्या कहा?
- बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ''क्या भारत में रहकर पाकिस्तान जिंदाबाद करने वालों की जबान नहीं काट देनी चाहिए?
- ''आज इलाहबाद में एक पूर्व सैनिक ने मुझसे एक ऐसा सवाल किया, जो आज हर राष्ट्रभक्त को सता रहा है।''
- ''प्रश्न था-हम सैनिक सीमा पर प्राणों की बाजी क्या इसलिये लगाते हैं कि देश के अंदर लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाएं और कोई कुछ न कहे?”
- ''भारत में रहकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाले देशद्रोहियों की जबान क्यों नहीं काट दी जाती?''
- ''लेकिन सवाल यह उठता है, कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करने वाले देश में क्या यह संभव है?''
शुक्रवार के अपडेट्स...
- सीपीआई नेता डी. राजा जेएनयू प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के बाद कैंपस पहुंचे।
- दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। जज ने पूछा- कौन सी आजादी चाहिए आपको?
- कोर्ट ने कन्हैया कुमार को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा।
- एबीवीपी से जुड़े स्टूडेंट्स ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।
- देश विरोधी कैम्पेन में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लोगों ने दिल्ली में जगह-जगह प्रदर्शन किया।
- प्रेस क्लब में अफजल गुरु को लेकर प्रोग्राम करने वाले अली अनवर वकील के साथ पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन पहुंचे।
किसने क्या कहा?
- राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की एकता और अखंडता पर सवाल उठाना अपराध है। सरकार उन्हें माफ नहीं करेगी। एक साल में जितने आतंकी मारे गए। इतनी बड़ी कार्रवाई कभी नहीं हुई। सरकार विदेशों ताकतों को आंख उठाकर देखने की इजाजत नहीं देती। पाकिस्तान लगातार फायरिंग कर रहा है। हमने कहा कि अगर उधर से गोलियां चलती हैं तो हम इधर से गोलियों की गिनती क्यों करें।
- एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी ने कहा, '' भारत मां का अपमान देश बर्दाश्त नहीं करेगा।''
- किरण रिजिजू ने कहा, ''जेएनयू या देश के किसी भी इंस्टीट्यूट में देश विरोधी नारेबाजी बर्दाश्त नहीं होगी।''
- वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने कहा, ''जेएनयू में ये क्या हो रहा है, पुलिस स्टूडेंट्स को हॉस्टल से उठा रही है। आखिरी बार ऐसा इमरजेंसी में देखा था।''
- लेफ्ट नेता डी. राजा ने कहा है, '' आरएसएस वामपंथी आंदोलन को देशभक्ति सिखाने की कोशि‍श न करे।''
- कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा, ''देश में अभिव्यक्ति की आजादी है। ये किस हद तक होना चाहिए इसका भी जिक्र है। इसके बाद कार्रवाई होती है।''
- जेएनयू के वाइस चांसलर ने कहा है कि जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई गई है। जांच के बाद ही जरूरी कार्रवाई होगी।
क्या हुआ था जेएनयू में?
- लेफ्ट स्टूडेंट ग्रुप्स ने संसद अटैक के दोषी अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था।
- इस प्रोग्राम को पहले इजाजत को मिल गई थी। लेकिन एबीवीपी ने इसके खिलाफ यूनिवर्सिटी के वीसी एम जगदीश कुमार के पास शिकायत की।
- इसके बाद जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन ने परमिशन वापस ले ली।
- प्रोग्राम साबरमती हॉस्टल के सामने 9 फरवरी को शाम 5 बजे होना था।
- टेंशन तब बढ़नी शुरू हुई जब परमिशन कैंसल करने के बावजूद प्रोग्राम हुआ। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
- प्रोग्राम होने से नाराज एबीवीपी ने बुधवार को जेएनयू कैम्पस में बंद बुलाया।
- बता दें कि अफजल को 9 फरवरी 2013 और मकबूल भट को 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी।
क्या कहा था वीसी ने?
- जगदीश कुमार के मुताबिक, "यूनिवर्सिटी के वीसी के होने के नाते यह मेरी रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि कैम्पस में शांति बनी रहे।"
- "कैम्पस के अफसरों ने मीटिंग कर यह फैसला लिया कि इस इवेंट की इजाजत नहीं दी जा सकती। हमने ऑर्गनाइजर्स को भी बताया था कि प्रोग्राम की परमिशन कैंसल कर दी गई है।"
पुलिस ने क्या कहा था?
- वसंतकुंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ के मुताबिक, "जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन ने हमें इन्फॉर्म किया था कि यूनिवर्सिटी में एक कॉन्ट्रोवर्शियल मुद्दे को लेकर अलग-अलग स्टूडेंट्स के दो गुटों बीच टकराव हो सकता है। इसी के चलते पुलिस कैम्पस में मौजूद थी।"
- "कैम्पस में कोई घटना नहीं घटी, लेकिन पुलिस ने सावधानी बरतते हुए सारी तैयारियां कर ली थीं।"
क्या कहना था स्टूडेंट लीडर्स का?
- जेएनयू स्टूडेंट यूनियन (JNUSU) के ज्वाइंट सेक्रेटरी सौरभ कुमार शर्मा ने कहा, "परमिशन रद्द कर देने के बावजूद यह इवेंट हुआ। न केवल साबरमती होस्टल के बाहर प्रोटेस्ट हुआ, बल्कि गंगा ढाबे तक मार्च भी निकाला गया।"
- जेएनयूएसयू के प्रेसिडेंट और आइसा लीडर कन्हैया कुमार के मुताबिक, "लेफ्ट ऑर्गनाइजेशन फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार को छीनने के खिलाफ है, इसलिए हमने प्रोग्राम को सपोर्ट किया।"
- कन्हैया के मुताबिक, "एडमिनिस्ट्रेशन ने लास्ट मोमेंट पर ऑर्गनाइजर्स को बताया कि परमिशन कैंसल कर दी गई है। ऑर्गनाइजर्स ने भी वक्त पर जानकारी न मिलने की बात कही थी।"
- इस पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यहां न तो पुलिस थी और न ही कोई गार्ड था।

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