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15 फ़रवरी 2016

मद्रास हाईकोर्ट के जज करनन ने कहा- भारत में पैदा होने पर शर्मिंदा हूं

जस्टिस सीएस करनन।
जस्टिस सीएस करनन।
नई दिल्ली. मद्रास हाईकोर्ट के जज सीएस करनन ने विवादित बयान दिया है। मद्रास हाईकोर्ट से कलकत्ता हाईकोर्ट ट्रांसफर किए जाने से नाखुश करनन ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, 'मुझे भारत में पैदा होने पर शर्म आती है।' करनन ने आरोप लगाया कि वे पिछड़ी जाति से हैं इसलिए उनके साथ भेदभाव किया गया है। बता दें कि जस्टिस जगदीश सिंह केहर और आर भानुमति की डिविजन बेंच ने सोमवार को यह आदेश दिया कि जस्टिस करनन को कोई भी केस न दिया जाए। इस पर विवादित जज ने सुप्रीम कोर्ट के दोनों जजों के खिलाफ एससी/एसटी (प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटी) एक्ट के तहत FIR दर्ज कराएंगे। ट्रांसफर का आदेश पर करनन ने क्या कहा...
- कोर्ट के निर्देश से पहले जस्टिस करनन ने सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी किए गए उनके ट्रांसफर के आदेश पर खुद ही स्टे लगा दिया। करनन ने ट्रांसफर करने के लिए CJI टीएस ठाकुर से लिखित सफाई भी मांगी।
- सुप्रीम कोर्ट के उन्हें केस दिए जाने पर रोक लगाए जाने पर करनन का कहना है, 'मेरा ज्यूडिशियल पावर अब भी मेरा पास है।'
- जज ने कहा, 'मैं इस मामले में खुद संज्ञान लेते (सुओ-मोटो) चेन्नई पुलिस कमिश्नर को निर्देश दूंगा कि वे एफआईआर दर्ज कराएं।'
- करनन ने मद्रास हाईकोर्ट के सीनियर जज, चीफ जस्टिस संजय कौल पर प्रताड़ना और अपमान करने के मामले में केस दर्ज करने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
- गौरतलब है कि पिछले हफ्ते CJI की अध्यक्षता वाले एक पैनल ने जस्टिस करनन का मद्रास हाई कोर्ट से कोलकाता हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया एक्शन

- अपने ट्रांसफर पर खुद स्टे लगाने वाले करनन को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया टीएस ठाकुर की अगुवाई वाली बेंच ने निर्देश दिया है कि उन्हें किसी भी तरह का कोई केस नहीं सौंपा जाए।
जस्टिस करनन ने कहा- मेरा ट्रांसफर सिफारिशी आदेश
- जस्टिस करनन ने अपने ट्रांसफर के फैसले पर चीफ जस्टिस को लिखा- योर लॉर्डशिप, मैं अनुरोध करता हूं कि आप अपने सहयोगियों के माध्यम से 29 अप्रैल तक अपना लिखित स्टेटमेंट भी सबमिट करें। तब तक मेर ट्रांसफर आदेश पर स्टे लगाना ठीक रहेगा।
- उन्होंने अपने ट्रांसफर ऑर्डर को अस्थायी 'सिफारिश आदेश' करार देते हुए लिखा- सीजेआई को उनके न्यायाधिकार में दखल नहीं देना चाहिए। क्योंकि मैं योग्यता के आधार के एक आदेश को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हूं।
कोलेजियम ने की है बड़ी संख्या में हाईकोर्ट जजों के ट्रांसफर की सिफारिश
- सूत्रों के मुताबिक NJAC (नेशनल ज्यूडिशियल अपाइंटमेंट कमीशन) को रद्द करने के बाद सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम ने बड़ी संख्या में हाई कोर्ट जजों के ट्रांसफर की सिफारिश की है।
- यह सिफारिश ज्यूडिशियरी में करप्शन , भाई भतीजावाद की बढ़ती शिकायतों के बाद की गई है।
- ट्रांसफर लिस्ट दिल्ली, कर्नाटक, मद्रास और आंध्र प्रदेश के हाई कोर्ट के जजों के नाम हैं।
- बताया जा रहा है कि इनमें विवादों में रहे मद्रास हाई कोर्ट के जज जस्टिस सीएस करनन का भी नाम शामिल है।
- उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ अवमानना के मामले की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था।
- CJI की अगुवाई में SC के कोलेजियम ने इन तबादलों की सिफारिश सरकार से कर दी है।

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